मुहं तक धुंए से, भर जाएंगे आज नही तो कल, मर जाएंगे।






मुहं तक धुंए से, भर जाएंगे 
आज नही तो कल, मर जाएंगे

एम्स के पुल पर, फिर जाम नही होगा
राजीव चौक भी, बिलकुल सुनसान होगा
सीढ़ियों पर जोड़ों का मेला नही होगा
ऊपर चढ़ता एस्कलेटर, सिर्फ अकेला होगा

स्टेशनों पर रोज वाला, भूचाल नही होगा
पीक ऑवर में मेट्रो पर चढ़ना काल नही होगा
चांदनी चौक की सैर भी बिलकुल आसां होगी
सुबह जाओ या शाम सब एक सी होगी

मुहं तक धुंए से, भर जाएंगे 
आज नही तो कल, मर जाएंगे

टोकन की लाइन बहुत छोटी होगी
अस्पताल की लाइनें शायद कुछ लम्बी होंगी
पार्किंग में गाड़ियों का रेला नही होगा
लिफ्ट में भी भीड़ नही, आदमी अकेला होगा

दिल्ली वालों के दिल सलामत, फेफड़े बेकार हो रहे
नींद में हैं अभी हम शायद, थोड़ी गहरी नींद सो रहे
कुछ दिन में सब शायद, फिर पहले जैसा हो जाएगा
धुंध छटेगी ये सारी फिर से, फिर सवेरा हो जाएगा

#Delhi

  
By - Prashant



Photo credit - My medical mantra

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