रंगीला राजस्थान : दस




इसके पहले कि हम लोग जोधपुर के लिए प्रस्थान करें, मैं राजस्थान में प्रचलित 'पर्दा' के बारे में कुछ बताता चलूँ. पर्दा का तात्पर्य है, कुछ छुपाना या अलग करना. इस विषय पर बात इसलिए निकली क्योंकि मैं गट्टानी ट्रस्ट भवन नोखा में भोजन ग्रहण करने के पश्चात अपने हाथ धोने के लिए हाल के पीछे स्थापित बेसिन के पास गया. उसकी दाहिनी ओर एक बड़ा कमरा दिखा जहां रसोई तैयार हो रही थी. मैं वहां चुपचाप खड़ा हो गया और वहां पर काम कर रहे चार लोगों के हुनर देख रहा था. मैंने सोचा, एक फोटो ले ली जाए, मैंने मोबाईल कैमरा 'क्लिक' किया, आवाज से वे सब चौंके. मेरी तरफ देखकर मुस्कुराए और वहां पर काम कर रही तीन महिलाओं ने तुरंत घूँघट काढ़ लिए. उनका घूँघट करना मुझे भा गया.

राधा के रूप सौंदर्य के वर्णन में घूँघट के महत्व पर कृष्ण के माधुर्य भक्ति काव्य के कवि हरिराम व्यास लिखते हैं :

'नैन खग उड़िबे को अकुलात।
उरजन डर बिछुरे दुख मानत, पल पिंजरा न समात।।
घूंघट विपट छाँह बिनु विहरत, रविकर कुलहिं डरात।
रूप अनूप चुनौ चुनि निकट अधर सर देखि सिरात।।
धीर न धरत, पीर कहि सकत न, काम बधिक की घात।
व्यास स्वामिनी सुनि करुना हँसि, पिय के उर लपटात।।'

घूँघट शब्द के अनेक प्रयोग और उनके विभिन्न अर्थ हैं, जैसे; घूँघट उठाना, घूँघट पलटना, घूँघट हटाना, घूँघट करना, घूँघट डालना, घूँघट खोलना, घूँघट दूर करना, घूंघट की लाज रखना, घूँघट के पट खोलना आदि. इन सब के अलग-अलग अर्थ हैं जो हमारी दैनन्दिनी में प्रयोग में हैं. महाकवि कालिदास अभिज्ञान शाकुंतलम' में लिखते हैं, '‘इन तपस्वियों के बीच में वह घूंघट वाली सुन्दरी कौन है, जो पीले पत्तों के बीच में नई कोंपल के समान दिखाई पड़ रही है.' अमृतलाल नागर ने एक उपन्यास लिखा था, 'सात घूँघट वाला मुखड़ा'. फिल्म 'सत्यम शिवम् सुन्दरम' की नायिका अपना जला हुआ चेहरा छुपाने के लिए आधा घूँघट करती है, बिल्कुल ऐसा ही एक दृष्टान्त राजस्थान में रुक्मी और रसाल का भी है. 

मुझे अच्छा लगा कि आज भी राजस्थान अपनी परम्पराओं के निर्वहन के लिए सतर्क है; चाहे आतिथ्य-सत्कार हो, बड़ों का मान हो, या बातचीत का लोच हो. अंग्रेजी भाषा में, 'जस्ट ग्रेट'.   (क्रमशः)



By-Dwarika Prasad Agrwal

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