बकलोल तंत्र में चुनाव।




चुनाव मेले में केबली बाला के सिटी चेनल ने पुष्पक विमान में स्टूडियो बना कर कुछ विदेशी मेहमान बुलाए हैं, जो सरपट दौड़ रहे भारतीय लोकतंत्र की रफ्तार का आकलन करने के इच्छुक हैं.

केबली मोजाम्बिक से आए दिपकापा पार्टी के चेयरमेन और कोलम्बिया की झपमा पार्टी के अध्यक्ष से मुखातिब हुई- 'हमारा लोकतंत्र' कार्यक्रम में आप दोनों का स्वागत है. अब आप बताएं कि आपको हमारे यहां हो रहे चुनाव से क्या फील हो रहा है और क्या आपको लगता है कि यह प्रक्रिया आपके देश में भी लागू हो सकती है.

तभी केबली के सामने रखे डिब्बे की हरी बत्ती जली----बाला ने मेहमानों को चुप रहने का इशारा किया और बोली-क्या खबर है इलु ? 

यहां बड़ा गरम माहौल है केबली... कहां, पान की दुकान पर ? नहीं इंडियन पॉलिटिकल लीग के मुख्यालय में....  मामला गम्भीर है.

पहले और दूसरे चरण में चुनाव लड़ चुके इस पार्टी के प्रत्याशी अब पांचवे चरण के लिये भी टिकट मांग रहे हैं ताकि जनता की सेवा का कोई मौका हाथ से जाने न पाए.

केबली ने पूछा---पार्टी आलाकमान का क्या कहना है इलु, तुमने किसी से बात की ? 

केबली, पार्टी प्रवक्ता समेत सभी पदाधिकारी भाग गये हैं और सामने होटल की बिल्डिंग की छत पर चढ़े नीचे झांक रहे हैं.

हमारे कैमरामैन ने इंटरव्यू के लिये एक नेता को दबोच रखा है.. टिकट की मारपीट में उसके कपड़े पूरी तरह फट गये हैं, नाक से खून बह रहा है इसलिये कैमरे पर आने से शरमा रहा है.

उस पर चादर डाल कर बात करो इलु. मारपीट में और कोई घायल हुआ ? 10-12 खटियों का इंतजाम करना पड़ा है केबली..पचास के लगभग कच्छा-बनियान में आ गये हैं.. एक पहलवान छाप नेता ने दो-चार को ऐसा पटका कि उन सबको एम्बुलेंस में लादना पड़ा.

इंटरव्यू देने वाला क्या कह रहा है इलू ? 

अभी तो इतना ही बताया है कि वह जनता का जानामाना सेवक है.. पहले चरण के समय वह जेल में था इसलिये चुनाव प्रचार नहीं कर सका, अब उसे एक और चांस मिलना चाहिये.

ठीक है इलु, वापाति से कहना कि अस्पताल और छत पर जाकर फोटो ले ले.. पुलिस की मदद से पार्टी प्रवक्ता को नीचे उतार लो और बात करो.

डिब्बे की बत्ती लाल हो गयी.

सॉरी मिस्टर चोप्स और मिस्टर क्रेंकील, हम अपनी बात आगे बढ़ाएं. लेकिन दोनों मेहमान उठ कर खड़े हो गये..नहीं-नहीं अभी बस इतना ही। आप उस हंगामे की फुटेज हमें भिजवा दें, अपने पार्टी अधिवेशन में दिखाएंगे कि आपके यहां बकलोल तंत्र कितना सबल है.



By - राजीव मित्तल (पत्रकार के तौर एक बहुत बढ़िया लेखक भी है। "कबीरा" इनकी रचना है।)


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