अपनी शॉटबुक का एक पन्ना हमेशा ख़ाली रखने वाला और आक्रामकता को अपने स्वैग बनाने वाला खिलाड़ी: विराट कोहली


   

कटनी से दादा जी दिल्ली आकर बसते है और आगे चलकर पोता हिंदुस्तान के दिल में बस जाता है। उस पोते का नाम है विराट रिकॉर्ड कोहली। कुछ लोग होते है जिनका जन्म ख़ास मक़सद के लिए होता है और वो उस विधेय के विधान को अपनी करनी से मंडित कर डालते है।

वर्ष 2006 में कर्नाटक और दिल्ली के बीच फ़िरोजशाह कोटला मैदान पे रणजी मैच खेला जा रहा था , उसी दिल्ली में प्रेम कोहली नामक एक शख्स की ब्रेन स्ट्रोक के चलते मौत हो जाती है। इन्हीं प्रेम कोहली का छोटा लाल दिल्ली रणजी टीम का हिस्सा है। मैच में दिल्ली की हालत खस्ताहाल है, फॉलोऑन का ख़तरा भी है। विराट पशोपेश में है कि क्या करें; बाप का अंतिम संस्कार करें या फिर मैच छोड़े।

मन के भीतर की उधेड़बुन इस निष्कर्ष के साथ समाप्त होती है कि टीम के संकट को मोचित करने जाना चाहिए। विराट पथरायी आँखों के साथ ग्राउंड पहुँचते है और सारी दुःख चिंताओं को अंदर घोंटते हुए 90 रन की शानदार पारी खेलते है और अपनी टीम को फॉलोऑन से भी बचाते है।

आगे चलकर ये खिलाड़ी अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्वकप में भी भारत को विजयी बनाता है। इसके बाद उनका चयन श्रीलंका के विरुद्ध एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैच के लिए होता है। उनके खेल की गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ती जाती है।

सवा सौ करोड़ देशवासियों और हज़ारो पेशेवर क्रिकेटरों के बीच से विराट कोहली का चयन क्रिकेट जगत के महाकुंभ विश्वकप हेतु भारतीय टीम के लिए होता है। उसी विश्वकप में वो बांग्लादेश के विरुद्ध शतक जड़ते है। इसके अतिरिक्त श्रीलंका के विरुद्ध निर्णायक मुकाबले में भी धोनी के साथ शानदार 92 रन की साझेदारी खेलते है जो टीम की जीत में अहम भूमिका निभाती है।

धीरे-धीरे ये खिलाड़ी रिकॉर्ड सम्राट बन जाता है। सबसे जल्दी छः हज़ार रन, सबसे जल्दी नौ हज़ार रन, अपनी कप्तानी में 7 लगातार एकदिवसीय सीरीज जितवाना हो या फिर क्रिकेट के तीनों प्रारूपो में टॉप 10 में जगह बनाना हो और एकदिवसीय एवं ट्वेंटी-ट्वेंटी मैच में नंबर एक पोजिशन पर काबिज़ होना हो; ढेरों रिकॉर्ड कोहली के नाम हो जाते है। वनडे और फटाफट दोनों मुक़ाबले में उनकी औसत 50 से अधिक है जो किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए बेहद मानीखेज़ है। अभी-अभी  उन्होंने वन डे मैचों में सर्वाधिक शतक मारने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई है।

इस वर्ष के आरंभिक महीने में इंग्लैंड से भारत की सीरीज चल रही थी, इंग्लैंड ने भारत को जीत के लिए 351 रन का लक्ष्य दिया था। कोहली बल्लेबाज़ी कर रहे थे, 34वां ओवर क्रिस वोक्स लेकर आये, उन्होंने शार्ट लेंथ डिलीवरी रखी, जिस पर डिफेंसिव होकर पुल खेलना एकमात्र चारा था, मगर सामने थे कोहली बाबू, उन्होंने डीप मिडविकेट और लॉन्ग ऑन के बीच से शानदार शार्ट आर्म पुल मारते हुए छक्का जड़ दिया। इस एक शॉट से ही ट्विटर और फेसबुक के मैदान पटे पड़े थे। कोहली की शॉटबुक में हॉफ बॉली पे फ्लिप करना है, टेनिस शॉट भी जबर खेलते है वो, कई दफ़ा गोल्फ शॉट भी मारते है, कवर-एक्स्ट्रा कवर पे शानदार टाइमिंग के साथ दर्शनीय स्ट्रोक खेलते हुए भी उन्हें देखा जा सकता है, इसके अतिरिक्त स्ट्रेट ड्राइव मारने में भी उनका कोई सानी नहीं है।

अगर कोहली की निजी जिंदगी की बात की जाये मने उनके खाने और फिटनेस के शौक वैगरह को खंगाला जाये तो इस पर भी एक पुराण लिखा जा सकता है। कोहली के लिए फिट रहना एक साधना जैसा है। आरसीबी की पार्टी में जब हचक के जंक फूड छानने लगे तो उनका शरीर फूलने लगा, आईने के सामने गए तो ये ठान बैठे कि पतला होकर रहेंगे।

इसके लिए उन्होंने जो-जो त्याग किये वो आम लोगों की सोच के बूते से भी बाहर है। पिछले एक बरस से उन्होंने रोटी-ब्रेड नहीं खायी है और तो और वो ऐसी कोई भी डाइट नहीं लेते जिसमे कॉर्बोहाइड्रेट होता है। वो सिर्फ वही खाना खाते है जिसमे प्रोटीन है। एवियन ब्रांड का पानी पीते है और सोल्मन मछली खाते है। विराट कोहली जितने प्रतिभाशाली बल्लेबाज है उतने गई फिटनेस फ्रीक भी है। आज विराट कोहली का जन्मदिवस है, उनको जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनायें।

#विराट_कोहली_जन्मदिन_मुबारक_हो

संकर्षण शुक्ला


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