सितारा-ए-इम्तियाज जिसकी चमक विवाद तले धुंधली होती गयी।





29 बरस की उम्र में एक स्पिनर अपनी राष्ट्रीय टीम में एंट्री लेता है और विवादों के बीच जल्द ही विश्व क्रिकेट के फ़लक पे अपनी उपस्थिति दर्ज करा लेता है। ये क्रिकेटर सईद अजमल है और उसकी टीम पाकिस्तान है। 

वर्ष 2009 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ शारजाह में मैच चल रहा था और एक खिलाड़ी जबर प्रदर्शन कर रहा था, ऐसे में अचानक से उस खिलाड़ी के बांह मोड़ने के कोण पर सवाल उठने लगे, जांच हुई, वो पाक साफ़ निकला।

उसी वर्ष 2009 में उसने अपनी टीम के लिए टी 20 क्रिकेट का विश्वकप जीतने में अहम योगदान दिया। सनद रहे ये पाकिस्तान की वर्ष 1992 के बाद पहली विजय थी किसी बड़े टूर्नामेंट में। इसके बाद तो इस खिलाड़ी के कैरियर को जैसे पंख से लग गए। इसने उन ऊंचाइयों को स्पर्श किया, जिसकी दिली तम्मन्ना हर क्रिकेटर को होती है।

वर्ष 2011 से वर्ष 2014 के बीच वो अन्तर्राष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट के गेंदबाजों की सूची में नंबर एक स्थान पर काबिज़ रहा। इसके अतिरिक्त उसने टी 20 क्रिकेट के गेंदबाजों की सूची में भी नम्बर एक स्थान पे जगह बनाई। क्रिकेट जगत का धैर्यधारी प्रारूप मने टेस्ट क्रिकेट में भी सईद ने जबर योगदान दिया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ़ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में 24 विकेट लेकर क्लीनस्वीप करने में अहम भूमिका निभाई।

वर्ष 2014 में श्रीलंका के खिलाफ़ सीरीज चल रही थी और उसी बीच उनके चकिंग एक्शन पे फिर उंगली उठी। दरसअल आईसीसी के नियमों के मुताबिक कोई गेंदबाज़ अपने बांह को 15.5° के कोण पे घुमा सकता है, मगर सईद बॉलिंग करते वक़्त अपनी बांह को 23.5° के कोण पे घुमाते है। सईद गेंदबाजी करने के बाद अपनी बांह को एकदम से सीधा कर लेता है।

चूँकि सईद का सीधा हाथ भी के कोण पे रहता है मने उनका हाथ जो अतिरिक्त कोण के कारण घूमता है, वो उनकी जन्मजात विकृति या फ़िर कथित चोट के कारण है जो उन्हें बस सफर के दौरान लगी थी। सईद वर्ष 2015 का क्रिकेट विश्वकप भी नहीं खेल पाते है।इसके बाद वो हमवतन लेग स्पिनर सकलैन मुश्ताक से बॉलिंग संवारने के लिए सलाह भी लेते है मगर ये लिजेंड्री स्पिनर भी सईद का पैनापन वापस नहीं दिला पाता। वर्ष 2015 में वो फ़िर पाकिस्तान की कैप पहनते है मगर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करते। पिछले 2 बरस से टीम से वो बाहर ही चल रहे है।

घरेलू टूर्नामेंट में भी संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर पाए है वो पिछले 2 बरस से। कल उन्होंने क्रिकेट के तीनों प्रारूपो से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। 113 मैच के वनडे कैरियर में उन्होंने 184 विकेट लिए है तो वही 64 टी 20 मैचों में 85 विकेट लिए है, इसके अतिरिक्त 35 टेस्ट मैचों में 78 विकेट भी लिए है। मौजूदा टी 20 सीरीज के बाद वो आधिकारिक संन्यास लेंगे।


By - संकर्षण शुक्ला

Comments