क्लासिक सिनेमा : फिल्म 'गाइड' - चार


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Another interesting phenomenon is that the song 'Mose Cheat, Sania Beimin ...' was written for Shailendra's written song 'Guide'. During Practice, Tendulkar's regular tabla maestro was not present at that time, so Santoor Pandit Shivkumar Sharma took control of Tabla. Grandfather ordered to hear Shivakumar's tablaadan, 'Tabla will play you in recording this song.' 

Shivkumar Sharma said, 'Dada, I do not play tabla anymore, only I play santoor.'

'He is fine but the tabla in this song will play you.' Dada announced the final verdict.

'मोसे छल किए जाए, सैंया बेईमान...' को आपने कई बार सुना होगा. लताजी की शिकायत भरी मीठी आवाज का असर ऐसा है कि इस गीत के संगीत पर ध्यान ही नहीं जाता. एक बार आप इस गीत को फिर से सुनिए और तबले की थाप पर अपना ध्यान केन्द्रित करिएगा, ताल के कितने रंग है, इस गीत में! तबले की थाप को सुनो तो ऐसा लगता है जैसे आकाश में कोई पतंग लहरा रही हो, बल खा रही हो और गर्वोन्मत्त होकर आसमान को भेद रही हो. यह संतूरवादक पंडित शिवकुमार शर्मा का तबलावादन था.

सात 'फिल्म फेयर अवार्ड' हासिल करने वाली इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ संगीत का पुरस्कार न मिलना आश्चर्यजनक है जबकि बालीवुड की सर्वश्रेष्ठ पार्श्व संगीत की सूची में 'गाइड' का ग्यारहवें स्थान पर प्रतिष्ठित है.

'गाइड' जैसी फिल्म का निर्माण हिंदी सिनेमा के लिए अभूतपूर्व प्रयास था. इस फिल्म की खासियत यह है कि यह हर दृष्टि से उत्कृष्ट कृति है और दर्शकों में अत्यंत लोकप्रिय भी हुई. 

सिनेमा तो कल्पना को वास्तविकता में परावर्तित करने का कलात्मक विधा है. 'गाइड' का हर फ्रेम दर्शक को इस तरह बांधता है जैसे दर्शक स्वयं कहानी का हिस्सा हो. इसे ही तो नाट्यशास्त्र के प्रवर्तक भरत मुनि कहते हैं, 'दर्शक का कथा से तादात्म्यीकरण.' (समाप्त)


लेखक - द्वारिका प्रसाद अग्रवाल
 ( साधारण सोच वाला सामान्य मनुष्य )



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