पाकिस्तान का " पाक "शब्द से कोई भी नाता नहीं है।


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पाकिस्तान जो कि पाक शब्द से बना है जिसका तात्पर्य होता है- शुद्ध, निर्मल, स्वच्छ, निर्दोष, पवित्र अर्थात जो दोष से मुक्त हो और जिसमें कोई मैल न हो। मगर क्या इन शब्दों में से किसी से भी पाकिस्तान का कुछ ताल्लुक है, जरा भी मेल है इसके नाम से और इसके कामों से? इसका एक सीधा और सपाट जवाब है- बिल्कुल नहीं। ऐसा बिल्कुल नहीं है  कि हमारा उनसे संबंध ठीक नहीं है इसलिए यहाँ उनकी बुराई की जा रही ये तमगा तो उन्होंने सालों मेहनत करके के कमाई है। बहुत से ऐसे नाम भी इन्होंने कमाये हैं जिनका जिक्र यहाँ नहीं किया जा रहा है। 

हमारे भारत देश से इनके अव्वल दर्जे के संबंध हैं जिसे कोई नाम नहीं दिया जा सकता क्योंकि ये ठीक उसी प्रकार है जैसे हाथी के दाँत- मतलब की वी कहावत है नहीं कि हाथी के दाँत दिखाने के और, खाने के और ठीक उसी को चरितार्थ करते हुए ये भी कहते, दिखाते कुछ हैं और कर गुजरते कुछ हैं जिससे इन्होंने ईमानदार, वफादार जैसे शब्दों का गला घोंट दिया है। हमारे भारत देश को नीचा दिखाने की अव्वल दर्जे की नाकाम कोशिशों के जरिये इनकी सोच कुछ इस कदर नीची हो गयी है कि कुछ बड़ा सोचने की कवायद ही नहीं कर पाते। 

सामने से युद्ध करने पर जब ये जीत का मुँह नहीं देख पाये तो कूटनीतिक और परोक्ष तरीका अपनाया है और एक नई फौज खड़ी की जिसे दुनिया आतंकवाद के नाम से जानती है और इसी के सहारे पूरी दुनिया फतह करने की मंशा पाले बैठे हैं। पूरी दुनिया से इनके संबंध न के बराबर है और चन्द देशों की ही मित्रता फ़ेहरिश्त में इनका नाम है। आज जब पूरी दुनिया आतंकवाद के खात्मे को लेकर सजग है और पुरजोर संगठित होकर इसके विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं और इससे लड़ने के नए नए तरीके ईजाद कर रहे हैं तो ऐसे समय मे पाक और इनकी जैसी मानसकिता वाले कुछ देश आतंकवाद को पाल पोस के हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। 

ताजा मामला अमेरिका और वहाँ के बहुचर्चित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़ा हुआ है। वही डोनाल्ड ट्रम्प जिनके राष्ट्रपति चुने जाने पर अमेरिका में कितना बवाल खड़ा हो गया था और इसे अमेरिका के पतन की शुरुआत तक मां ली गयी थी। वही ट्रम्प जिनके चुने जाने के बाद पूरी दुनिया ये कयास लगा रही थी कि जिस तरह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से देश को संगठित और मजबूत स्तिथि के साथ अन्य देशों से भी मधुर और मित्रता का संबंध स्थापित किया था। भारत मे भी इसको लेकर चर्चाएं गर्म थी। वही ट्रम्प जिन्होंने एच1बी1 वीजा को लेकर बड़े बदलाव करते हुए भारतीयों को चौंका दिया। मगर दोनों देशों के संबंध मधुर बने रहें। 

मामला ये है कि पाक आतंकवाद से लड़ने और उसके खात्मे के जूठे वादे और दिखावे करके अमेरिका से पैसे ऐंठ रहा था। मगर भारत की लाख कोशिशों के ही नतीजा है कि आज पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने बेनक़ाब हुआ है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नये साल के पहले दिन पाकिस्तान को खरी खरी सुनाकर दो टूक जवाब देते हुए भारत समेत अन्य आतंकवाद विरोधी देशों को नववर्ष का तोहफा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस तरह से पाक को अब और आर्थिक सहायता देने से साफ मना कर दिया वह काबिले तारीफ है। ट्रंप ने जिस तरह ट्वीट करते हुए पाकिस्तान को चेताया है उससे साफ है कि अब पाक आतंकवाद से लड़ने का दिखावा करके अमेरिका से और धन नहीं ऐंठ सकता।

ट्रंप का ये फैसला भारत की एक और जीत के तौर पर देखी जा सकती है। जिस तरह से अभी हाल ही में पाकिस्तान में जाधव की पत्नी और उसकी माँ के साथ बदसलूकी की गई ये सिर्फ उनका ही नहीं समूचे भारत का अपमान था। इसी बीच ट्रंप का पाक के विरुद्ध ट्वीट राहत देने वाला है। 

पाकिस्तान जिस तरह पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद से लड़ने का ढोंग रच रहा था और इसी आड़ में अमेरिका से भी आर्थिक सहायता लेकर आतंकियों का पालन पोषण कर रहा था ट्रंप के दो टूक जवाब से उसे करारा सबक मिला साथ भारत की आतंकवाद के खात्मे के विरुद्ध कोशिशों को बल भी मिला। पाकिस्तान लगातार मुँह की खाता रहा है फिर भी अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाक को चीन के अलावा कहीं से सहयोग नही मिल रहा इन सबसे सबक लेते हुए पाक को अब आतंकवाद को पालने पोसने की बजाय खत्म करने की कोशिशें करनी चाहिए।









By - गोपाल यादव

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