नये लफ़्ज़ों की नयी किताब मिड नाईट डायरी, पहुँची बरेली।





डॉक्टर मोनिका शर्मा की अगवानी में बरेली के पहले ओपन माइक का आयोजन सफल रहा। इस ओपन माइक में शहर के युवा लेखकों, और कवियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


बरेली के डी डी पुरम में स्थित कैफ़े रकबदार में ओपन माइक का आयोजन मिड नाईट डायरी www.midnightdiary.in की तरफ से किया गया।

अपनी तरह का बरेली में यह पहला आयोजन था। इस ओपन माइक सेशन को  जमशेदपुर में ऑर्गनाइज करने का ये छोटा सा प्रयास उन लोगों के लिए है जिनमें टैलेंट तो खूब है लेकिन कभी उसे दिखाने का मौका नहीं मिला।

बरेली में मिड नाईट डायरी के पहले ओपन माइक को सफल बनाने में मिड नाईट डायरी का साथ अभिनव सक्सेना ने दिया। ओपन माइक में युवा लेखकों का हौसला बढ़ने के लिये बरेली के ही रचित दीक्षित ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। ओपन माइक में अपनी लेखनी से सबको बाँधकर रखने वालो में गरिमा अग्रवाल, नंदनी श्रीवास्तव, महक नेयर, अभिनव सक्सेना, आदेश कुमार रॉय, अजीमुद्दीन, शिवानी, आयुष शर्मा, मीनाक्षी भारद्वाज, मनोज निगम, तिलक मौर्या, आस्था सिंह और सत्यम शुक्ल शामिल रहे।



ओपन माइक में यह पहला मौका था, जब प्रतिभागी लेखकों को मिड नाईट डायरी की तरफ से सर्टिफिकेट भी दिये गये।  मिड नाईट डायरी द्वारा आयोजित बरेली के पहले ओपन माइक को सुनने के लिये 80 से ज्यादा लोग उपस्थित रहे। पहले ओपन माइक की सफलता के बाद मिड नाईट डायरी की ओर से अभिनव सक्सेना ने कहा कि, " पहले ओपन माइक की सफलता के बाद बहुत ही जल्दी मिड नाईट डायरी ओपन माइक बरेली चैप्टर 2.0 का भी आयोजन किया जायेगा।"





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