कविता : प्यार हो जायेगा। अनुप्रिया





नहीं पता कब क्या हो गया।
तुम्हारे साथ बिताया लम्हा ही याद हो गया।।
दिल के किसी कोने में तू कैद हो गया।
न जाने कब ये दिल तेरा हो गया।।
मैं तो खुद को अकेला समझी थी।
तू ही खुद मेरा हो गया।।
तू माने या न माने तेरे होने का एहसास आज भी है।
तेरे उन लम्हो में मेरा एहसास आज भी है।।
तेरे कहने से क्या होता है कि तू मुझसे प्रेम नहीं करता।
तेरा हर स्टेटस सच बयां कर ही देता है।।
तू कहता है चली जा मुझसे दूर मत दिखा खुद को।
तो क्यों चोरी चोरी चुपके चुपके मेरी डीपी और स्टेटस देखा करता है।।
तेरे कहने से क्या होता है।
मुझे पता है तू आज भी मुझसे प्यार करता है।।
तेरा मुझे देखते ही पलकें झुका लेना और इशारों इशारों में सब बयां कर जाना ही काफी है इस दिल को संभलने में।
तू आज भी मुझे चाहता है ये बात बयां कर जाता तू जाते जाते।।
तेरे कहने से क्या होता है।
सच बोल की तेरा ये दिल मेरा हो गया।।
तेरा ये दिल मेरा हो गया।।💕



By - अनुप्रिया 

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