हराम की कमाई ने दे दी एड्स की बीमारी।


फ़ोटो क्रेडिट - पंजाब केसरी



गोरखपुर जिले में एक भटहट गांव है। वहां 13 लोगों को एड्स हो गया है। इन सबके एड्स की एक ही वजह है। रिश्वत।

जी हाँ कुछ सालो पहले एक औरत ब्याह कर इस गांव में आई थी। गांव में अच्छी कमाई न होने के कारण उसका पति महाराष्ट्र के भिवंडी इलाके में एक धागे की फैक्टिरी में काम करने चला गया। मुंबई जाने के बाद वो कुछ - कुछ महीनों के अंतराल के में अपने गांव आया करता था।

लेकिन तीन साल पहले बीमारी की वजह से उसके पति की मौत हो गयी। बीमार था कौन दवा - पिसाज करवाता भला एक अकेली महिला कहाँ तक दौड़ती। बच्चा भी नहीं था उसे कोई। पति की मौत के बाद कौन मदद करने वाला था भला। इसलिए उसने अपनी आजीविका चलाने के लिए राशन कार्ड और विधवा पेंशन से कुछ सहूलियत मिलने की बात सोची। 

उसे इन सब की जानकारी नहीं थी इसलिए उसने एक जानकर शख्स की मदद ली जो रोजगार सेवक था। रोजगार सेवक महिला को गांव के प्रधान के पास ले गया। प्रधान ने उसे सेक्रेटरी से मिलवाया। इन तीनों के अलावा नौ बिचौलिये भी मिले उसको। सबने मदद देने का वादा किया। कहा, काम करा देंगे। बस थोड़ी रिश्वत दे दो। काम करवाना है, तो हमारे साथ सोना होगा। शायद उस औरत के पास ये ही एक चारा बचा हो। उसने संबंध बना लिया।

इन लोगों ने करीब तीन साल तक महिला का शोषण किया। एक दिन महिला बीमार पड़ गयी। उसने बीमार होने की बात प्रधान को बतायी। प्रधान ने महिला पर दया करते हुए गांव के ही झोला छाप डॉक्टर से महिला का इलाज करवाया पर उसकी दवा बेअसर रही।

फिर एक दूसरे डॉक्टर के पास ले गए। जहाँ खून की जांच हुई। जांच रिपोर्ट से पता चला कि महिला को एड्स था। ये सुनते है प्रधान सहित सभी लोगों खुद को कोसने लगे। 

एड्स की बात को फुख्ता करने लिए बीआरडी कॉलेज में दोबारा जांच करवाई गई। वहां भी जांच का नतीजा वो ही आया।  फिर इन सब ‘रिश्वत’ लेने वालों ने एक-एक करके अपनी जांच करवाई। उन सबको भी एड्स था।

उस महिला को शायद उसके पति से ये बीमारी लगी होगी। उस महिला को तो पता भी नहीं था कि उसे ये बीमारी है। अगर ये बीमारी और उसके नाम पर ये सब नहीं हुआ होता तो किसी को भी नहीं पता चलता कि एक महिला को राशन कार्ड बनवाने और विधवा पेंशन पाने के लिए रिश्वत के तौर पर लोगों के साथ सोना पड़ता है। उनके हाथों अपना शोषण करवाना पड़ता है। 





Comments