कविताओं का सफर करते - करते नवाबों के शहर लखनऊ पहुँची मिड नाईट डायरी।

By - हिंदी डाकिया





दिल वालों के शहर’ से ‘अदब के शहर’ तक मिड नाइट डायरी का सफ़रनामा'।

‘दिल के शहर से अदब के शहर आया हूँ, कहानियाँ तो बहुत हैं मेरे पास लेकिन आज एक अधूरा क़िस्सा लाया हूँ’।

दिल की बात कहनी हो या फिर अदब का कोई क़िस्सा सुनाना हो तो कविताओं से बेहतर ज़रिया और क्या हो सकता है ? कविता, एक ऐसा माध्यम है जिससे हम अपनी बात बेहद ही आसानी से समझा सकते हैं । 


मौक़ा था उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंद्रानगर स्थित असांते कैफ़े में आयोजित ओपन माइक का जहाँ शहर के युवा लेखकों, और कवियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस ओपन माइक का आयोजन मिड नाइट डायरी (www.midnightdiary.in) की तरफ़ से किया गया था। शहर में दिल्ली आधारित मिड नाइट डायरी द्वारा आयोजित यह पहला ओपन माइक था।

सैम जैसवाल

लखनऊ में मिड नाईट डायरी के पहले ओपन माइक को सफल बनाने में शहर के ही सैम जैसवाल ने साथ दिया। जहाँ एक तरफ़ ‘मुझे उससे प्यार ना हो’ को सुनाकर शहर के युवा कवि शिवेंद्र सिंह ने सबको प्यार करने और ना करने के मायने बताये वही दूसरी ओर शिवा सिंह ने ‘लखनऊ का नाम फ़ेमस' है सुनकर सबको अपने शब्दों से लखनऊ का भ्रमण कराया। 

ओपन माइक में लखनऊ ही नहीं बल्कि लखनऊ से सटे दूसरे शहरों उन्नाव, सीतापुर, बरेली से भी आकर नये नवोदित कवियों ने अपनी लेखिनी के जादू से सबको मोहित किया। संगम नगरी इलाहाबाद से आये सचिन श्रीवास्तव ने अपनी अदब वाली उर्दू की रचनाओं से सबका दिल जीत लिया।सैम ने 'जिन्दा हिन्दुस्तान रहा' और अनुप्रिया ने 'यही तो प्यार है' से माहौल को और भी प्यार और ख़ुशनुमा कर दिया।

अभिनव सक्सेना

मिड नाइट डायरी के इस पहले ओपन माइक के आयोजन के मौक़े पर दिल्ली से अमन सिंह कुशवाहा (फ़ाउंडर, मिड नाइट डायरी) भी नवाबों के शहर आये। बातचीत के दौरान अमन सिंह जी ने बताया की मिड नाइट डायरी को लेकर शहर में उनके कई और बड़ी योजनाएं हैं, लेकिन फ़िलहाल उनकी कोशिश है कि मिड नाइट डायरी से शहर के युवा लेखक़ और कलाकार अधिक से अधिक संख्या में जुड़े। ताकि सबको अपनी प्रतिभा और लेखन छमता को दिखाने का पूरा अवसर मिले। कुल हुयी १५ प्रस्तुतियों में अमन ने भी अपनी कविता ‘कहानियाँ तो बहुत हैं मेरे पास लेकिन आज एक अधूरा क़िस्सा लाया हूँ…’ से सबकी तालियों को अपने हिस्से किया।

प्रस्तुति देने वालों में से शहर के सैम जैसवाल, अनुप्रिया, प्रांजली सिंह, पल्लवी शुक्ला, प्रिंसी मिश्रा, लकी, आदित्य चावला, प्रज्ज्वल मिश्रा, मोहम्मद आज़म, शिवा सिंह, प्रशान्त गुप्ता, शिवेंद्र सिंह, सचिन श्रीवास्तव (इलाहाबाद), अभिनव सक्सेना (बरेली) के अलवा कई और नये युवा चेहरे मौजूद रहे। सुनने वालों में कई वरिष्ठ थिएटर आर्टिस्ट, कॉलेज प्रोफ़ेससोर्स, लखनऊ एफ एम चैनल के आर जे, युवाओं के माता पिता और मित्र शामिल रहे।  

अमन कुशवाहा ( मिड नाईट डायरी के फाउंडर )

मिड नाइट डायरी के लखनऊ ओपन माइक के समापन के बाद अमन सिंह कुशवाहा (फ़ाउंडर, मिड नाइट डायरी) ने समवाद्दाताओं को बताया कि युवाओं की लेखन में रुचि को देखते ही जल्द ही शहर में लेखन की कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा, जिससे शहर के युवा लेखन से जुड़ी बारीकियों को और बेहतर तरीक़े से समझ सकें और कुछ नया सीख सकें।









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