पहले डे-नाइट वनडे मैच को ICC ने नहीं दी थी मान्यता।

By - सूरज मौर्या



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एकदिवसीय क्रिकेट में 28 नवंबर का दिन बड़ा ही खास है। ये दिन क्रिकेट में क्रांतिकारी परिवर्तन के लिए जाना जाता है। नए नियम और कानून से सराबोर पहला वनडे मैच 28 नवंबर 1978 को सिडनी में खेला गया था। ये वो मैच था जिसके बाद वनडे क्रिकेट की हुलिया ही बदल गई। क्रिकेट के इतिहास में पहली बार था जब कोई वनडे मैच फ्लड्स लाइट (कृतिम प्रकाश) या यूं कहें कि दूधिया रोशनी में खेला गया। 

इस मैच में वे सभी प्रयोग किए गए जिन्हें देर-सबेर आईसीसी ने भी अपनाया। इसी मैच में पहली बार रंगीन जर्सी पहनी गई। अब तक वनडे क्रिकेट में इस्तेमाल की जा रही रेड चैरी बॉल की जगह सफेद बॉल का इस्तेमाल किया गया और इसके अलावा सफेद साइट स्क्रीन को हटाकर ब्लैक साइट स्क्रीन का भी प्रयोग इसी मैच में हुआ था। 

ये आईडिया दिया किसने ?

वनडे क्रिकेट में जिस शख्स ने ये सुझाव दिया उसका क्रिकेट में दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। इनकी तो बाद छोड़िए इनके परिवार में भी किसी सदस्य का कभी क्रिकेट से सम्बंध नहीं रहा। 

वनडे क्रिकेट को रंगीन बनाने का मकसद 
क्या था ?

उन दिनों क्रिकेट में आज की तरह पैसा नहीं था। क्रिकेटर्स की कमाई नहीं हो पाती थी। पहला आइडिया ये था कि क्रिकेट के ज़रिए खिलाड़ियों को अधिक से अधिक लाभ मिले और उनकी रोजी रोटी अच्छी प्रकार चले। दूसरा आइडिया क्रिकेट मैच के प्रसारण अधिकार अपने चैनल के लिए सुरक्षित कर लिए जाएं ताकि कमाई में तरक्की हो। 

आखिर वह था कौन ?

क्रिकेट को रंगीन बनाने का आइडिया देने वाले ऑस्ट्रलियाई मीडिया कारोबारी कैरी पैकर थे। उस समय वनडे क्रिकेट में जो तब्दीलियां हुईं उनमें कैरी पैकर का ही हाथ था। कैरी पैकर के बारे में जानने से पहले आइए जानते हैं उनके दादा और पिता के बारे में आखिर वह क्या करते थे?

इतिहास के झरोखे से।

आप सभी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख मीडिया कारोबारी सर फ्रैंक पैकर का नाम सुना होगा। फ्रैंक पैकर ऑस्ट्रेलिया में मीडिया मुगल के नाम से जाने जाते थे। फ्रैंक पैकर के पिता आर सी पैकर ऑस्ट्रेलियाई अख़बार द संडे टाइम्स में संपादक थे और उन्होंने स्मिथ वीकली की स्थापना की। द डेली गार्जियन अख़बार स्मिथ न्यूज़पेपर लिमिटेड से छपता था। स्मिथ वीकली और द डेली गार्जियन अख़बार के मालिक फ्रैंक पैकर के पिता आर सी पैकर थे।



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1923 में सर फ्रैंक पैकर अपने पिता आर सी पैकर के अख़बार द डेली गार्जियन में पत्रकार बनें। 4 साल बाद फ्रैंक पैकर कंपनी के डायरेक्टर बन गए। 1933 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन वूमन वीकली शुरू की। जिसने कुछ समय बाद द डेली टेलीग्राफ का रूप ले लिया। द डेली टेलीग्राफ अख़बार का शुमार ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी अखबारों में किया जाता है। वो बात अलग है कि टीवी चैलन के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए 1972 में सर फ्रैंक पैकर ने अपने अख़बार द डेली टेलीग्राफ को रुपर्ट मर्डोक को बेंच दिया था।

फ्रैंक पैकर ऑस्ट्रेलिया में टेलीविज़न नेटवर्क के बड़े शेयर धारकों में एक थे। उन्होंने सबसे पहले नियमित प्रसारण के लिए सिडनी में एक टीवी स्टेशन टीसीएन  की स्थापना की। यही टीवी स्टेशन बाद में चैनल 9 नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बना। ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट प्रसारण के अधिकार इसी चैनल 9 नेटवर्क के पास हैं। 

17 दिसंबर 1937 को सर फ्रैंक पैकर के घर में एक बच्चे का जन्म हुआ। जिसका नाम रखा गया कैरी फ्रांसिस बुलमोर पैकर। जिन्हें बाद में कैरी पैकर के नाम से जाना गया। वैसे फ्रैंक पैकर के दो बेटे थे बड़े बेटे का नाम था क्लाइड पैकर और छोटे बेटे का नाम था कैरी पैकर। उनके दोनों बेटों ने बाद में अपने पैतृक व्यवसाय को ही अपनाया। 1 मई 1974 को पिता फ्रैंक पैकर की मृत्यु के बाद कैरी पैकर चैनल 9 के सर्वेसर्वा हो गए।

कैरी का क्रिकेट कनेक्शन।

कैरी पैकर को अपने चैलन 9 नेटवर्क के लिए क्रिकेट के प्रसारण अधिकार और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट की स्थापना करने के लिए जाना जाता है। 1 मार्च 1975 को कलर टेलीविज़न चलन में आ चुका था। साल 1978 तक कलर टीवी की लोकप्रियता इतनी मकबूल हुई कि उस समय दो-तिहाई ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों ने कलर टीवी सेट खऱीद लिए थे।

कैरी पैकर ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाले मैचेस का प्रसारण अधिकार अपने चैनल के लिए सुरक्षित करना चाहते थे। जब इस सिलसिले में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से दरखास्त की तो बोर्ड ने लंबे समय तक प्रसारण अधिकार चैनल 9 को बेचने से मना कर दिया।

दरअसल 1956 में टीवी के आने बाद क्रिकेट प्रसारण के अधिकार ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के बेंच दिए थे। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने चैनल 9 की नोटिस की तरफ ज्यादा गौर नहीं किया और 1976 में क्रिकेट प्रसारण अधिकारों की बोली लगाई गई।

ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने बाजी मारते हुए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से 207,000 डॉलर में अगले 3 साल तक के लिए करार कर लिया। वहीं कैरी पैकर इस सौदे के लिए बोर्ड को एबीसी से ज्यादा कीमत देने के लिए तैयार थे लेकिन बात नहीं बनी जिससे कैरी पैकर काफी गुस्सा हुए।

कैरी पैकर भी हार मानने वाले नहीं थे, उन्होंने मई 1977 में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के विरोध में अपने पैसे के दम पर चैनल को जमाने के लिए करीब दुनिया के 35 बड़े क्रिकेटर्स के चुपचाप साइन करा लिए और उन्हें ज्यादा पैसे देकर खेलने के लिए ऑफर किया। यहीं से शुरू हुई थी वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट 

जानिए वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट के बारे में।

जब कैरी पैकर दुनिया के तमाम बड़े क्रिकेटर्स से साइन करा रहे थे तो इस बात को पूरी तरह गुप्त रखा गया था। तत्कालीन इंग्लिश टीम के कप्तान टोनी ग्रेग इंग्लैंड में कैरी पैकर की इस योजना को पूरा सहयोग दे रहे थे और इंग्लैंड के क्रिकेटर्स को वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज में खेलने के लिए राजी कर रहे थे। लेकिन इस बात की किसी को भनक तक नहीं थी। टोनी ग्रेग ने वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट में खेलने के लिए साइन भी कर दिए थे। कैरी पैकर का समर्थन जहां इंग्लैंड में टोनी ग्रेग ने किया वहीं ऑस्ट्रेलिया में इयान चैपल कैरी पैकर की इस योजना का पुरजोर समर्थन कर रहे थे। 

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दक्षिण अफ्रीका के कुछ नामचीन क्रिकेटर्स ने भी कैरी पैकर की वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज़ में खेलने की हामी भर ली थी। उन दिनों साउथ अफ्रीका की टीम अश्वेत नीति के कारण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट बिरादरी से निलंबन झेल रही थी। उनके क्रिकेटर्स के पास इस सीरीज़ में खेलने के अलावा और कोई चारा नहीं था इसलिए वहां के तमाम क्रिकेटर्स खेलने के लिए राजी हो गए थे।

साल 1977 में ऑस्ट्रेलिया टीम को इंग्लैंड में एशेज सीरीज खेलने जाना था। इसलिए वहां के क्रिकेटर एशेज की जमकर तैयारी कर रहे थे। 9 मई 1977 को कैरी पैकर की योजना का भंडाफोड़ हो गया। जिसके बाद क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के पैरो के नीचे उस समय ज़मीन खिसक गई जब बोर्ड को पता चला कि एशेज सीरीज के लिए चुने गए 17 क्रिकेटर्स में से 13 क्रिकेटर्स कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट में खेलने के लिए हस्ताक्षर कर चुके हैं। 

उधर जब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को ये मालूम हुआ कि मौजूदा इंग्लिश टीम के कप्तान टोनी ग्रेग भी कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट में खेलने के लिए राजी हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी कप्तानी छीन ली गई। इसके बाद फिर टोनी ग्रेग इंग्लैंड के लिए कभी नहीं खेले। वह साल 2012 में मरते दम तक कैरी पैकर के चैनल 9 के लिए कमेन्ट्री करते रहे। 

आईसीसी की धमकी।

आईसीसी ने दलील दी कि वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट में खेलने वाले खिलाड़ियों को टेस्ट, वनडे, और यहां तक प्रथम श्रेणी मैच नहीं खेलने दिए जाएंगे। ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड ने भी आईसीसी की हां में हां मिलाई और जिन क्रिकेटर्स ने कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट में खेलने के लिए हस्ताक्षर किए थे उन सभी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया।

उधर इंग्लैंड में भी खिलाड़ियों पर कार्रवाई की गई। साल 1978 में इंग्लैंड ने इन विद्रोही क्रिकेटर्स जिनमें टोनी ग्रेग, डेरेक अंडरवुड, एलन नॉट, बॉब वूलमर शामिल थे अगले सीज़न में काउंटी क्रिकेट से बाहर कर दिया। 

मजे की बात ये है कि भारत का कोई भी क्रिकेटर कैरी की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट में नहीं खेला। साउथ अफ्रीका उन दिनों क्रिकेट की दुनिया से अलग-थलग था जिसके चलते वहां के कई क्रिकेटर्स कैरी पैकर की सीरीज़ में खेले थे। न्यूज़ीलैंड के सर रिचर्ड हैडली कैरी की सीरीज़ में खेलने वाले अपने देश के इकलौते क्रिकेटर थे।

हुआ मुकदमा।

आईसीसी की धमकी के बाद कई क्रिकेटर्स अपने नाम वापस लेने का विचार करने लगे। ज्योफ थामसन और एल्विन कालीचरन ने अपना अनुबंध उस समय समाप्त कर दिया जब उन्हें पता चला कि क्वींसलैंड की ओर से खेलने के लिए एक रेडियो स्टेशन के साथ करार हुआ है। 

जब ये बात कैरी पैकर को पता चली तो वह तुरंत अपने खिलाड़ियों के हितों की बात करने और इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई करने की सोचने लगे। कैरी पैकर नहीं चाहते थे कि कोई थर्ड पार्टी उनके काम में बाधा पहुंचाए जिसके चलते खिलाड़ियों को अपना अनुबंध समाप्त करना पड़े। खिलाड़ियों के प्रतिबंध को लेकर कैरी पैकर ने अपने तीन क्रिकेटर्स टोनी ग्रेग, माइक प्रॉक्टर और जॉन स्नों के द्वारा टीसीसीबी यानी टेस्ट एंड काउंटी क्रिकेट बोर्ड को लंदन के हाई कोर्ट में चुनौती दी। कैरी पैकर के एडवाइजर रिची बेनो थे।

जीते कैरी।

26 सितंबर 1977 को शुरू हुआ केस 7 सप्ताहों तक चला। क्रिकेट अधिकारियो के वकील  ने दलील दी अगर शीर्ष खिलाड़ी पारंपरिक क्रिकेट को छोड़कर दोएम दर्जे का क्रिकेट खेलेंगे तो इससे खेल की गुणवत्ता में गिरावट आएगी और क्रिकेट में पहली जैसी बात नहीं रह जाएगी। वहीं कैरी पैकर के वकील का कहना था कि आईसीसी कैरी पैकर के खिलाड़ियों को अनुबंध समाप्त करने के लिए बाध्य कर रही है। जिससे वह कैरी की सीरीज़ में न खेल पाएं।

मामले की सुनवाई कर रहे जज क्रिस्टोफर स्लेड ने अपने फैसले में कहा था कि प्रोफेशनल क्रिकेटर्स को जीवित रहने के लिए रोजी रोटी की ज़रुरत है और आईसीसी को उनकी राह में रोड़ा नहीं बनना चाहिए। आईसीसी अपने हितों को देखते हुए ये सब कर रही है जो नुकसानदेय है। जज ने आगे कहा, खिलाड़ियों द्वारा कैरी पैकर की सीरीज़ में खेलने के लिए किए गए गोपनीय अनुबंध की आलोचना नहीं करनी चाहिए क्योंकि उनके अधिकारियों ने वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट में खेलने के लिए अपने खिलाड़ियों को मना किया है।  

बहाल हुई सीरीज।

जब अदालत का फैसला कैरी पैकर के पक्ष में आया जिससे सीरीज़ में खेलने वाले क्रिकेटर्स की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इंग्लिश काउंटी की टीमें इस बात से बेहद खुश थीं कि उनके जिन खिलाड़ियों ने कैरी की वर्ल्ड सीरीज़ में खेलन के लिए हस्ताक्षर किए थे अब उन्हे बेधड़क खेलने का मौका मिलेगा। 

आईसीसी ने नहीं दी मान्यता।

आईसीसी ने कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट के तहत खेले गए टेस्ट मैचेस और वनडे मैचेस को मान्यता नहीं दी थी। इन मैचेस को आईसीसी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया था। 1977 में आईसीसी ने फरमान जारी किया कि इस सीरीज़ के किसी भी मैच की गिनती रेकॉर्ड बुक में दर्ज नही की जाएगी।

सीरीज़ के लिए नहीं दिए गए क्रिकेट मैदान

कैरी पैकर की इस सीरीज़ को रोकने की पूरी कोशिश की गई। यह सीरीज़ मुकम्मल न होने पाए  इसलिए कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट के किसी भी मैच को अंतर्राष्टीय क्रिकेट के परंपरागत मैदान पर खेलने की इजाजत नहीं दी गई थी। आईसीसी और ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड की मंशा कैरी की सीरीज़ धराशायी करने की थी। 

कितने खिलाड़ियों ने किया साइन।

अब्दुल कादिर, जिम एलन, डेनिस एमिस, आसिफ इकबाल, रेयान ऑस्टिन, जॉन बर्लो, रे ब्राइट, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, ट्रेवर चैपल, कोलिन क्रॉफ्ट, वायने डेनियल, रॉस एडवर्ड्स, रॉय फ्रेड्रिक्स, जोएल गार्नर, गैरी गिलमोर, गोर्डन गीनिज, टोनी ग्रेग, डेसमंड हैंस, माइकल होल्डिंग, डेविड होलफोर्ड, डेविड हुक्स, इमरान ख़ान, जावेद मियांदाद, मार्टिन केंट, कोलिस किंग, एलन नॉट, ब्रूस लायर्ड, रॉबी लैंगर, ग्राथ ले रॉक्स, डेनिस लिली, क्लाइव लायड, माजिद ख़ान, मिक मैलोन, रोडने मार्श, रिक मैक्कॉस्कर, डेरेक मरे, अल्बर्ट पाडममोर, लेन पास्को, वेन प्रियर, माइक प्रॉक्टर, इयान रेडपाथ, क्लाइव राइस, बैरी रिचर्ड्स, विवियन रिचर्ड्स, एंडी रॉबर्ट्स, रिची रॉबिनसन, लारेंस रोव, ज्योफ थामसन, डेरेक अंडरवुड, मैक्स वाकर, डग वाल्टर्स, केपलर वेसेल्स और जहीर अब्बास।

सीरीज़ में कुल 55 खिलाड़ी खेले थे। जिनमें से सबसे ज्यादा क्रिकेटर्स ऑस्ट्रलिया के 23 वेस्टइंडीज़ के 17 और वर्ल्ड इलेवन के 15 क्रिकेटर्स ने भाग लिया था।  

इस प्रकार 1977 में वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज़ का आयोजन किया गया। जिनमें तीन टीमों ने भाग लिया। वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वर्ल्ड इलेवन। इन टीमों के बीच खेले गए टेस्ट मैचेस को सुपरटेस्ट कहा गया। इस सीरीज़ में टेस्ट और वनडे दोनों मैचेस खेले गए थे। 

फुटब़ॉल मैदान पर खेले गये वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट।

वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज़ के मैच खेलने के लिए फुटबॉल मैदान आवंटित किए गए। कैरी के सामने उन मैदानों पर पिच तैयार करने की समस्या मुंह बाये खड़ी थी। कैरी ने हिम्मत नहीं हारी और मेलबोर्न क्रिकेट मैदान के पिच क्यूरेटर को हायर किया जिसके बाद फुटबॉल मैदान पर पिच तैयार की गई।

कहां खेला गया वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट का पहला सुपरटेस्ट ?

कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट का आगाज़ करने के लिए वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट की टीम वेस्टइंडीज़ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई। 24 नवंबर 1977 को दो ट्रायल मैच खेले गए। 2 दिसंबर 1977 को वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट का पहला ऑफिशियल सुपरटेस्ट मैच मेलबोर्न के फुलबॉल ग्राउंड वीएलएफ पार्क पर वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ के बीच खेला गया था। मेलबोर्न के वीएलएफ पार्क को अब वीवरले पार्क कहा जाता है।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग की। वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहली पारी में 56.2 ओवर की गेंदबाजी में 256 रन पर आउट हो गई। वेस्ट इंडीज़ के तूफानी बॉलर माइकल होल्डिंग ने 4 एंडी रॉबर्ट्स ने 3 वायने डेनियल ने 2 और  1 विकेट कोलिस किंग ने लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा 69 रन रे ब्राइट ने बनाए।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ की टीम पहली पारी में 214 रनों पर आउट हो गई। वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से लेन पास्को ने 3 डेनिस लिली और मैक्स वाकर ने 2-2 जबकि डेविड हुक्स और रे ब्राइट ने 1-1 खिलाड़ी को आउट किया।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ की ओर से सबसे ज्यादा रन विवियन रिचर्ड्स के बल्ले से निकले। उन्होंने 79 रनों की पारी खेली। डेरेक मरे ने 29 और कप्तान क्लाइव लॉयड ने 19 रन बनाए।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 192 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में एंडी रॉबर्ट्स ने 4, माइकल होल्डिंग और वायने डेनियल ने 3-3 कंगारू बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा 63 रन डेविड हुक्स ने बनाए। ग्रेग चैपल 28 और रे ब्राइट ने 16 रनों की पारी खेली। पहली पारी में असफल रहे कंगारू कप्तान इयान चैपल दूसरी पारी में भी कुछ खास नहीं कर पाए और मात्र 3 रन बनाकर आउट हो गए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ की टीम ने 7 विकेट पर 237 रन बनाकर कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट का पहला टेस्ट मैच 3 विकेट से जीत लिया। पहली पारी में शानदार अर्धशतक लगाऩे वाले विवियन रिचर्ड्स ने दूसरी पारी में भी 56 रनों की चमकीली पारी खेली। वहीं कप्तान क्लाइव लॉयड ने 44 रन बनाए।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट का दूसरा टेस्ट मैच आरएएस शोग्राउंड सिडनी में 16 से 18 दिसंबर के बीच खेला गया। जिसे वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ की टीम ने 9 विकेट से जीता। वहीं तीसरा सुपरटेस्ट मैच 31 दिसंबर से लेकर 3 जनवरी 1978 को एडिलेड के फुटबॉल पार्क पर खेला गया जिसे वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 220 रनों के विशाल अंतर से जीता।
इस प्रकार वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ ने वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम को  इस पहली श्रंखला में 2-1 से हराया था।

इस तरह कैरी पैकर की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट के तहत वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वर्ल्ड इलेवन की टीमों के बीच 16 सुपरटेस्ट खेले गए। इनमें से 11 सुपरटेस्ट ऑस्ट्रेलिया में जबकि 5 सुपरटेस्ट वेस्टइंडीज़ की धरती पर खेले गए। यहां पर सभी सुपरटेस्ट मैचेस का विवरण दे पाना संभव नहीं है। 

ध्यान देने की बात।

जब ये टेस्ट सीरीज़ खेली जा रही थी तो ठीक उसी दरम्यान ऑस्ट्रेलिया में ही इन्ही तीनों टीमों के बीच वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट इंटरनेशनल कप के तहत वनडे मैच भी खेले जा रहे थे। कार्यक्रम को इस तरह सेट किया गया था कि वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट और वर्ल्ड क्रिकेट सीरीज़ इंटरनेशनल कप के मैचेस की तारीख क्रैश न हो। मसलन पहला वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट 2 से 6 दिसंबर 1977 को वीएलएफ पार्क मेलबोर्न में खेला गया, वहीं वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट इंटरनेशनल कप का पहला ओडीआई 10 दिसंबर 1977 को वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बनाम वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वर्ल्ड इलेवन की टीमों के बीच एडिलेड में खेला गया था।

ज़रा गौर कीजिए।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट 5 दिनों के थे और एक ओवर 8 गेंदें फेकने का नियम लागू किया गया था। वहीं वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट इंटरनेशनल कप के लिए जो वनडे मैच खेले गए वह सभी मैच 40-40 ओवर के थे। उन एकदिवसीय मैचेस में भी ओवर में 8 गेंदें निर्धारित की गई थीं। स्मरण रहे यहां पर हम बात ऑस्ट्रेलिया में खेली गई पहली वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट के पहले राउंड की कर रहे हैं। 

कितने राउंड खेली गई वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ?

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट के 4 राउंड खेले गए थे। जिनमें वनडे और टेस्ट दोनों फॉरमेट के मैच शामिल थे। पहला राउंड 1977-1978 ऑस्ट्रेलिया  दूसरा राउंड 1978 से 1979 फिर ऑस्ट्रेलिया तीसरा राउंड 1978 से 1979 न्यूज़ीलैंड चौथा राउंड 1978 से 1979 वेस्टइंडीज़।

आंकड़ों के आइने में वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट।

जैसे की पूर्व में बताया जा चुका है वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट 4 राउंड में खेली गई थी। जहां पहली बार वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट को वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ ने जीता वहीं दूसरी और तीसरी बार वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट वर्ल्ड इलेवन की टीम जीतने में सफल हुई। चौथी सीरीज़ ड्रॉ रही थी। वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट को कभी वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम नहीं जीत पाई।

सबसे ज्यादा रन।

1977 से लेकर 1979 के बीच खेली गई वर्ल्ड सीरीज़ सुपरटेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रेकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल के नाम है। उन्होंने 14 मैचेस की 26 पारियों में 1 बार नॉट ऑउट रहते हुए 1415 रन बनाए हैं। जिनमें उनका सर्वोच्च स्कोर 246 रन है। इस दौरान ग्रेग चैपल ने 5 शतक और 4 अर्धशतक भी लगाए।

इस सीरीज़ में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वेस्टइंडीज़ के क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स हैं। उन्होंने 14 मैचेस की 25 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए 1281 रन बनाए। जिनमें उनका सर्वाधिक स्कोर 177 रन है। उन्होंने 4 शतक और 4 अर्धशतक भी लगाए हैं।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज और टीम के कप्तान रहे इयान चैपल हैं। उन्होंने 14 मैचेस की 27 पारियों में 2 बार ऑउट हुए बगैर 855 रन स्कोर किए हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए।

सबसे ज्यादा विकेट

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट सुपरटेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलियाई पेसर डेनिस लिली हैं। उन्होंने 14 मैचेस में सर्वाधिक 67 विकेट लिए हैं। 7/23 उनका बेस्ट बॉलिंग फीगर है। दूसरा नंबर एंडी रॉबर्ट्स का है जिन्होंने 13 मैचेस में 50 विकेट लिए हैं। 6/69 उनका सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग प्रदर्शन है। तीसरा स्थान रे ब्राइट का है। रे ब्राइट ने 15 मैचेस में 42 विकेट झटके हैं। 6/52 पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

रे ब्राइट, एंडी रॉबर्ट्स और डेनिस लिली सीरीज़ में सबसे ज्यादा 6-6 बार नॉट ऑउट रहे। विवियन रिचर्ड्स, इयान चैपल, डेविड हुक्स, गोर्डन ग्रीनिज, क्लाइव लॉयड, और लारेंस रोव 2-2 बार नॉट ऑउट रहे। ग्रेग चैपल, ब्रूस लायर्ड, बैरी रिचर्ड्स, रोडने मार्श और केपलर वेसेल्स 1-1 बार नाबाद रहे। रॉय फ्रेड्रिक्स, मार्टिन केंट, कोलिस किंग, रिक मैक्कॉस्कर और जहीर अब्बास वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट में कभी नॉट ऑउट नहीं रह पाए। 

अब बात उस पहले डे/नाइट रंगीन मैच की।

जैसा की पूर्व में बताया जा चुका है कि वनडे क्रिकेट में यह पहला मौका था जब रंगीन जर्सी चलन में आई। वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम के क्रिकेटर्स की जर्सी वेटल गोल्ड और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट टीम वेस्टइंडीज़ के खिलाडियों की जर्सी कोरल पिंक कलर की थी।

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कृतिम प्रकाश की रोशनी में नहाया ये पहला डे/नाइट मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 28 नवंबर 1978 को खेला गया था। मैच में वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ की टीम पहले खेलते हुए मात्र 128 रनों पर ऑल ऑउट हो गई थी।


ऑस्ट्रेलियाई पेसर डेनिस लिली ने मारक बॉलिंग करते हुए शुरुआत के 3 कैरेबियाई बल्लेबाजों को आउट कर दिया। ओपनर रिचर्ड ऑस्टिन डेनिस लिली की गेंद पर 6 रन बनाकर पगबाधा आउट हो गए। तीसरे नंबर पर खेलने आए विवियन रिचर्ड्स को लिली ने शून्य पर बोल्ड कर दिया। टीम के दूसरे ओपनर गोर्डन ग्रीनिज ही थोड़ा टिक कर खेल सके। उन्होंने डेनिस लिली की गेंद पर आउट होने से पहले 41 रनों के पारी खेली। कप्तान क्लाइव लॉयड और जेम्स एलन ने 21-21 रन बनाए।

वेस्टइंडीज़ की मुश्किल यहीं खत्म नहीं हुई रही सही कसर मध्य गति के तेज बॉलर ग्रेग चैपल ने पूरी कर दी। जहां तेज बॉलर डेनिस लिली ने इस मैच में 4 विकेट लिए वहीं मध्यम गति के बॉलर ग्रेग चैपल ने 5 विकेट समेटे जबकि 1 खिलाड़ी को आउट करने में मैक्स वाकर कामयाब रहे।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट वेस्टइंडीज़ के द्वारा दिए गए 128 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम सधी हुई शुरुआत की। ब्रूस लायर्ड और ग्रेग चैपल की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 40 जोड़े। ब्रूस लायर्ड ने 15 और ग्रेग चैपल ने 22 रन बनाए। कप्तान इयान चैपल 19 रन बनाकर आउट हुए। इयान डेविस ने 48 रनों की नाबाद पारी खेली।

वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 37 ओवर में 5 विकेट पर 129 रन बनाकर इतिहास के पहले डे/नाइट मैच को 5 विकेट से जीत लिया। वर्ल्ड सीरीज़ वेस्टइंडीज़ की तरफ से जोएल गार्नर ने 2 विकेट लिए जबकि 1 विकेट एंडी रॉबर्ट्स के खाते में गया। कंगारू टीम के 2 बल्लेबाज रन आउट हुए थे।

इतिहास के इस पहले दूधिया रौशनी में खेले गए रंगीन मैच का लुत्फ 44,377 दर्शकों ने उठाया  था। हालांकि कहीं-कहीं  पर इस मैच में दर्शकों की संख्या 50 हजार तक बताई गई है।

एसीबी और कैरी पैकर को हुआ भारी आर्थिक नुकसान।

क्रिकेट का दो धड़ों में बंट जाना ये क्रिकेट के भविष्य के लिए फायदे का सौदा नहीं था। न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया इन दो क्रिकेट संघों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था जिसके चलते इनकी आर्थिक स्थित चरमरा गई थी। नुकसान कैरी पैकर का भी हो रहा था लेकिन वह किसी से यह बात कह नहीं सकते थे। कैरी की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट से अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक कैरी को जितना लाभ नहीं हुआ उससे कहीं ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

कैरी ने की एसीबी प्रमुख से मुलाकात।

मार्च 1979 में में कैरी पैकर ने तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन बॉब पैरिश से मुलाकात की। जिसमें ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट के भविष्य को लेकर समझौता किया गया। ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख बॉब पैरिश ने 30 मई 1979 को कैरी पैकर और एसीबी के बीच छिड़ी प्रसारण अधिकारों की जंग को खत्म करने का ऐलान कर दिया। कैरी पैकर के चैनल 9 को ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट के प्रसारण अधिकार मिले इतना ही नहीं कैरी पैकर नई कंपनी पब्लिशिंग एंड ब्रॉडकास्टिंग कंपनी को अगले 10 वर्षों तक क्रिकेट के खेल को प्रमोट करने के करार पर हस्ताक्षर भी किए गए। 

जिस समय कैरी पैकर और एसीबी प्रमुख के बीच यह समझौता हुआ वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टीम वेस्टइंडीज़ के दौरे पर थी। इस वार्ता वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया टीम के किसी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया था। कुछ का का मानना था कि आने वाले समय में उनके साथ ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड भेदभाव करेगा। वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट में खेल रहे ऑस्ट्रलियन क्रिकेटर्स को बोर्ड ने 1979 के विश्व कप और भारत में खेले जाने वाले 6 टेस्ट मैचेस के लिए नहीं चुना दोनों जगह ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड ने अपने दोएम दर्जे की टीम भेजी थी। इस टीम का नेतृत्व किम ह्यूज़ ने किया था।

साल 1979-80 में ग्रेग चैपल को ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान बने। जिसके बाद टीम के खिलाड़ियों को बहाल किया गया और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट खेलने वाले और उसमें नहीं खेलने वाले क्रिकेटर्स को टीम में शामिल किया गया। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज़ और इंग्लैंड का दौरा किया। टेस्ट सीरीज़ खेली गई। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 3-0 से मात दी। वहीं वेस्टइंडीज़ से ऑस्ट्रेलिया की टीम टेस्ट सीरीज़ 2-0 से हार गई। वनडे के लिए वर्ल्ड सीरीज़ कप का आयोजन किया गया। जिसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम को सफलता नहीं मिली थी। कैरी पैकर की कंपनी पीबीएल को ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड से ज्यादा मुनाफा हुआ। 

इस सीरीज़ के बाद से सभी क्रिकेटर्स ने अपने-अपने देश के लिए खेलना शुरू कर दिया। इस तरह कैरी पैकरी की वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट खत्म हो गई थी। इंग्लैंड के टोनी ग्रेग फिर कभी क्रिकेट नहीं खेले। वह कैरी पैकर के चैनल 9 के लिए कमेन्टरी करने लगे थे।

अंतिम दिनों में कैरी पैकर क्या थे ?

अपने अंतिम दिनों में कैरी पैकर ऑस्ट्रेलिया के सबसे धनी व्यक्ति थे। 26 दिसंबर 2005 को 68 साल की उम्र में  बॉक्सिंग डे के दिन ऑस्ट्रेलिया के इस मीडिया मुगल ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।  

तो ये कहानी थी एक ऐसे शख्स की जिसका क्रिकेट से दूर-दूर तक कोई तालुल्क नहीं था। जिसने अपनी दम पर कई देशों का विरोध करके वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट का आयोजन किया, क्रिकेटर्स के भले के लिए सोचा, उनकी ज्यादा कमाई हो इस बात पर विचार किया। कैरी पैकर की पहली पुण्यतिथि पर उनके बेटे जेम्स पैकर ने 26 दिसंबर 2006 को कैरी पैकर क्रिकेट फाउंडेशन की स्थापना की जिसके द्वारा ऑस्ट्रेलिया में निर्धन और जरूरतमंद क्रिकेटर्स को आर्थिक सहयोग दिया जाता है।

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