सब ख़त्म होने के बाद भी बचेगा सिर्फ प्रेम।



Kulin Mishra 



तुमसे इतना प्यार है कि तुम्हें छूने का वो पहला एहसास शायद मौत के बाद भी ना भूल पाऊँ। ज़िंदगी और मौत के बीच सिर्फ आती है एक चीज़ जिसका नाम है प्रेम। लोग कहते हैं कि मैं अच्छा लिखता हूँ कुछ लोग कहते हैं मुझे लिखना नहीं आता है। शायद सबके साथ ये होता होगा लेकिन इन दोनों एहसासों के बीच तुम्हारे लिए प्रेम जस का तस बना रहता है।

ये तस्वीर देख रही है ये मेरे यार की तस्वीर है जप पिछले साल चला गया यहाँ से बहुत दूर सबसे बहुत दूर। शायद वो मुझे देखता होगा या कुछ कहने की कोशिश करता होगा लेकिन मैं उसे सुन नहीं पाता हूँ। शायद वो अब कोई पंछी की शक्ल में आता होगा मुझ तक क्यूंकि वो हमेशा उड़ना चाहता था। उसकी ख़्वाहिश थी मैं उसकी आत्मकथा लिखूँ, मैंने उससे वादा किया था मैं लिखूँगा भी। मैं वादा निभाऊंगा उसके जाने के बाद मैं अकेले जीता हूँ और अकेले मरता हूँ।

प्यार,प्रेम,इश्क़, मोह्हबत जानती हो इन शब्दों को। जान तुम्हारे लिए ये शब्द हैं हम जैसों की सारी दुनिया इसमें बन कर इसी में ख़त्म हो जाती है। उसने इश्क़ किया शायद इसलिए चला गया। उसने अपनी प्रेमिका को अमर बना दिया और वो अपने प्रेम को अमर बनाकर चला गया वो दे गया सारी यादें। उसने ख़ुद को एक तस्वीर बनाकर एक ख़्वाब की तरह मेरी आँखों में समा गया।

जान आज से कुछ सालों बाद जब तुम किसी ठंडी जगह पर जाओगी तो शायद तुम्हें अपने कंफ्यूज़न पर अफ़सोस हो लेकिन शायद ज़िंदगी में दूसरा मौका नहीं मिलता है। हम दोनों ने एक-दूसरे को देखा समझा लेकिन तुम सबकुछ किसी और के सपनों में डालना चाहती हो। जब दुनिया में सब कुछ ख़त्म हो जाएगा तब भी मैं तुमसे आख़िरी दम तक प्यार करूँगा, तुम्हारी तस्वीरें सहेज कर रखूंगा और तुम्हें इतिहास का हिस्सा बनाऊंगा।

जब सड़कों पर हम दोनों दौड़ते थे हवाओं से बात करते हुए तो तुम गाती थी मेरे कानों में इश्क़ के नग़में जिन्हें अब मैं पन्नों पर उतार रहा हूँ। तुमनें किसी और कि आँखों का ख़्वाब होना मंज़ूर किया है, जान तुम्हारा ये सितम भी मंज़ूर है। मैं जानता हूँ उन सभी बातों को जो तुमनें मेरे सीने में गाड़ दी है। मेरा दोस्त गया और ले गया अपनी सभी बातें अपने साथ।

सर्द हवा शायद एक दिन तुम्हें याद दिलाये मेरी और मेरी आवाज़ गूँजने लगेगी और बहेंगे आँसू तुम्हारी गर्म आँखों से आग की तरह। सबके क़िस्से बयाँ करना मेरे हिस्से आया है, एक दिन तुम्हें शायद यक़ीन हो कि इश्क़ किया था तुमसे। 




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