फ्री WiFi से पॉर्न या पढ़ाई ! क्या करना है बतायेगी आपको ये कुली की कहानी।



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सूचना क्रांति के इस युग में सूचनाओं का एक बहुत बड़ा जखीरा आज इंटरनेट पर मौजूद है और बड़ी ही सहजता से वो तमाम लोगों को उपलब्ध भी है। बस फ़र्क है तो लोगों के नजरिये में और उनके उन सूचनाओं को उपयोग में लेने के तरीकों में। बड़ी ही शर्म की बात है कि भारत आज विश्व में पोर्न देखने के मामले में तीसरे नम्बर पर है और निरंतर आगे बढ़ रहा है। 

जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में भारत अमेरिका और ब्रिटेन को पछाड़कर पोर्न देखने वाले देशों में शीर्ष पर स्थापित हो जाएगा। किसी भी नजरिये से ये गर्व महसूस करने की बात नहीं है। आज जब फ्री इंटरनेट मिलने से पोर्न देखने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है तो कुछ श्रीनाथ जैसे लोग भी भारत मे मौजूद हैं जो फ्री इंटरनेट का उपयोग कुछ अलग ही तरीके से करते हैं। पोर्न देखने वालों युवाओं को श्रीनाथ के जीवन से सबक लेना चाहिए-

श्रीनाथ का पूरा नाम श्रीनाथ के. है। श्रीनाथ केरल के एर्नाकुलम जंक्शन पर पिछले पांच सालों से एक कुली के तौर पर लोगों का बोझ ढोकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। श्रीनाथ तब सुर्ख़ियों में आएं जब उन्होंने बिना किसी किताब या कोचिंग संस्थान की सहायता लिए महज़ रेलवे के मुफ़्त वाईफाई के जरिये पढ़ाई करते हुए केरल सिविल सेवा आयोग की लिखित परीक्षा में सफलता हासिल की।

केरल का पब्लिक सर्विस कमिशन। (क्रेडिट - The Lallantop) 

श्रीनाथ अपने कंधों पर बोझ ढोते वक़्त अपने कानों में हैडफ़ोन लगाए लेक्चर्स सुना करते थे और याद किया करते थे। साथ ही जब भी उन्हें खाली समय मिलता वो पढ़ी हुई चीजों को दोहराया करते थे। श्रीनाथ ने अपने पढ़ने के जज़्बे और कुछ कर गुजरने के जुनून से यह साबित कर दिखाया है कि अगर आप चाहें तो कुछ भी कर सकते हैं भले ही आपके पास कोई संसाधन न हो। 
श्रीनाथ - ( फोटो - ANI) 

हाई स्कूल पास श्रीनाथ कहते हैं-  “मैं अब तक तीन बार केपीएससी की परीक्षा में शामिल हो चुका हूँ और यह पहली बार है कि मैंने स्टेशन के फ्री वाईफाई का इस्तेमाल अपनी परीक्षा की तैयारी में किया। मैं यात्रियों का सामान ढोते वक़्त अपने कानों में हैडफ़ोन लगा के पाठ्य सामग्री और लेक्चर्स को सुना करता था या फिर मन ही मन सवालों को हल किया करता था और इस तरह से मैं काम करते हुए भी पढ़ लिया करता था। रात में या फिर जब भी मुझे समय मिलता तो मैं अपनी पढ़ी हुई चीजों को दोहराया करता था।”

आपको बता दें कि यदि श्रीनाथ साक्षात्कार में सफल हो जाते हैं तो वह भूमि राजस्व विभाग में विलेज फील्ड अस्सिटेंट के रूप में नियुक्त होंगे। श्रीनाथ ने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी किताब या कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय इंटरनेट और मोबाइल को हथियार बनाया और सफलता हासिल कर ये साबित कर दिया कि ‛पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है।’

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(कुली हर रेलवे स्टेशन में मिल जाएंगे। रेलवे स्टाफ नर अगर इन्हें कंसीडर किया जाए तो ह्यार्की में सबसे नीचे आते हैं।)


श्रीनाथ ने कहा- "मैं हमेशा पढ़ता रहूँगा। एक कुली के रूप में काम करते हुए भी मैं पढ़ता रहूँगा और विभिन्न परीक्षाओं के आवेदन करता रहूँगा और परीक्षा में शामिल होऊंगा क्योंकि मेरे ऊपर मेरे परिवार को पालने की ज़िम्मेदारी है। यदि मैं ज़्यादा परीक्षाओं में शामिल होऊंगा तो मुझे एक अच्छी नौकरी मिलने की उम्मीद भी ज़्यादा होगी।" उन्होंने ने अभी हाल ही में रेलवे द्वारा जारी की गई ग्रुप डी की 62,000 पदों की रिक्ति के लिए भी आवेदन किया था जिसमें लीवर मैन, केबिन मैन, आदि पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा- “वो वास्तव में भारत के सच्चे संत हैं। हम में से जो लोग वाईफाई का इस्तेमाल तुच्छ कामों के लिए करते हैं, उन्हें श्रीनाथ के आगे नतमस्तक होना चाहिए।”

श्रीनाथ का सपना है कि वो कोई ऐसी आदर्श नौकरी करना चाहते हैं जो उनके गाँव की हर समस्या का समाधान कर दे। उनका कहना है कि वो कोई ऐसे पद की नौकरी करना चाहते हैं जिसके पास उनके गाँव की चीजों को बदलने का अधिकार हो। आज श्रीनाथ उन हजारों लाखों युवाओं का मार्गदर्शन करते नज़र आ रहे हैं जो सुविधायें न होने की वजह से कुछ हासिल नहीं कर पाते। श्रीनाथ के जीवन से उन्हें ये जरूर सिखाएगा की सफलता पाने के लिए संसाधन ही सब कुछ नहीं होता बल्कि यदि आप में अपने लक्ष्य को पाने का जुनून और दृढ़ इच्छाशक्ति शक्ति है तो आप हर मुकाम हासिल कर सकते हैं।

एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन ( फ़ोटो - eyewitnessnews.in)


फ्री वाईफाई के इस्तेमाल केवल फिल्में देखने, सोशल नेटवर्किंग साइट्स चलाने या फिर पोर्न देखने भर के लिए नहीं होता। आज कितने ही और लोग होंगे जो श्रीनाथ की तरह अभाव में भी जी रहे होंगे और अपने सपनों के लिए एक नया आयाम ढूँढ रहे होंगे। आज अगर हर कोई फ्री इंटेरनेट और वाईफाई का प्रयोग पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को पाने के लिए करे तो भारत विश्व में पोर्न देखने की बजाय अन्य क्षेत्रों में अपनी श्रेष्ठता साबित करे।





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