जानिये कैसे कोबरा ने उगलवाया Paytm और TOI से जहर।

By - पवन मौर्य




कोबरा पोस्ट ने मीडिया हाउसों के स्टिंग का दूसरा पार्ट भी जारी कर दिया है. इसमें तो ढेर सारे बड़े बड़े मीडिया घराने नंगा हुए. टाइम्स आफ इंडिया से लेकर पेटीएम तक की असलियत कोबरा पोस्ट ने उजागर कर दिया है. टाइम्स आफ इंडिया के मालिक विनीत जैन कोबरा पोस्ट के स्टिंग में फंस गये. वे पेड न्यूज के लिए हजार करोड़ रुपये मांग रहे थे.

पेटीएम के मालिक के छोटे भाई ने बता दिया कि कैसे वे पीएमओ के एक फोन पर पेटीएम के यूजर्स का सारा डाटा उनके हवाले कर देते हैं. मतलब कि पेटीएम में यूजर्स की प्राइवेसी बिलकुल नहीं है. ये पेटीएम वाले संघ और भाजपा के नेताओं को तेल लगाने में अपने यूजर्स की प्राइवेसी भी दांव पर लगा देते हैं.

आइए देखते हैं टाइम्स आफ इंडिया और पेटीएम जैसे घरानों का स्टिंग. ये स्टिंग कोबरा पोस्ट की तरफ से जाने माने खोजी पत्रकार पुष्प शर्मा ने किया. पुष्प शर्मा इस स्टिंग के लिए एक बाबा का वेश धारण किए और हिंदुत्व को बढ़ाने व गैर-भाजपा पार्टियों को बदनाम करने के वास्ते लंबा चौड़ा प्रपोजल मीडिया घरानों को देते हैं.


देखिए कैसे सब एक एक कर पुष्प के बिछाए जाल में फंसते जाते हैं और बता देते हैं कि मीडिया मतलब बिलकुल बिकाऊ. चौथे खंभे का नंगा सच देखने के लिए कोबरा पोस्ट के इन सारे स्टिंग वीडियो को देखना जरूरी है जिसे एक-एक कर यहीं भड़ास पर प्रकाशित किया जाएगा. शुरुआत में टाइम्स आफ इंडिया और पेटीएम को देखें….

नीचे दिया जा रहा पूरा टेक्स्ट और वीडियो कोबरापोस्ट की वेबसाइट से साभार लेकर प्रकाशित-प्रसारित किया जा रहा है….

Times of India: हम को किसी भी corporate से लेने मे problem नहीं हैं।

The Times Group, Bennett, Coleman & Co. Ltd. जी हाँ देश का सबसे बड़ा मीडिया समूह। The Audit Bureau of Circulations की साल 2014 की report के मुताबिक Times of India दुनिया में सबसे ज़्यादा circulation वाला अँग्रेजी अख़बार है। लगभग 11 हज़ार employee वाले The Times Group की Chairperson Indu Jain और Managing Director Vineet Jain है। The Times Group का Publishing, Broadcasting, Radio, Film, Entertainment और Web portals का व्यवसाय है। Times of India, Economic Times, Navbharat Times अख़बार के अलावा Times Now, ET Now, Mirror Now और Zoom channel भी The Times Group के ही है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र में भी क्या मीडिया मोटी रकम लेकर ख़ास agenda या फिर paid news चला रहा है? हकीकत जानने के लिए वरिष्ठ पत्रकार पुष्प शर्मा की मुलाक़ात कर्नाटक में रेडियो मिर्ची के Group Head Sales Pradeep V से हुई। पुष्प ने इनसे हिंदुत्व के agenda की बात की और आगे सवाल किया कि क्या आपने पहले भी कभी इस तरह के program किए है तो रेडियो मिर्ची के Group Head Sales Pradeep V ने जवाब दिया कि उन्होने BJP के लिए campaign run किए है। “we have runs campaign for BJP… मतलब…. Absolutely, मतलब बहुत high decibel, बहुत ही high decibel… yea party was directly handling…”


फ़ोटो - गूगल 


पत्रकार पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात रेडियो मिर्ची Patna में Senior Manager Binit Kumar और Station Director Prabhu Jha से हुई। पुष्प इन्हे अपने हिंदुत्व के agenda के साथ rivals के लिए political satire के बारे में बताते हुए कहते है कि उनका मकसद बीजेपी को elections में फ़ायदा पहुंचाना है। रेडियो मिर्ची Patna में Senior Manager Binit Kumar अपनी सहमति देते हुए कहते है, “मैं अपने Script Writer से आपको मिलवा दूंगा वो अपना बना लेगा…. थोड़ा थोड़ा, धीरे धीरे… ठीक है…”

बातचीत में पुष्प रेडियो मिर्ची Patna के Station Director Prabhu Jha को बताते है कि agenda के जरिये political rivals को thrash करना है ताकि बीजेपी को फ़ायदा हो सके। इस पर Prabhu Jha बताते है कि वो भी RSS से जुड़े है। “by the way मैं भी RSS से ही belong करता हूं…” आगे इन्होने एक और बात कही “don’t worry ये हम पे जो भी हमारे Programming head हैं या मैं हूं या we have been brought up in RSS तो इसलिए आप वो और Last Time हम लोगों ने BJP के लिए Campaign भी किया था…”

पत्रकार पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात हुई रेडियो मिर्ची Manglore के Account Manager Aaron D’Mello से। पुष्प ने इन्हे अपने हिंदुत्व के agenda के बारे में बताया कि कैसे वो इसके जरिये कर्नाटक चुनावों में बीजेपी को फ़ायदा पहुंचाना चाहते है। रेडियो मिर्ची Manglore के Aaron D’Mello ने पुष्प को बताया कि हम लोग भी ऐसे लोगों को देख रहे थे जो हमारे साथ campaign चलाना के इच्छुक हों। बकौल Aaron, “Actually we were also looking out… Who are interested in campaign with us” पुष्प ने जब रेडियो मिर्ची Manglore के Account Manager Aaron D’Mello से जब thrashing my political rival through political satire की बात कही तो Aaron ने हामी भरते हुए कहा,“yea, by tweaking you need to tweak it little bit”.


फ़ोटो - गूगल

पुष्प की अगली मुलाक़ात हुई Guwahati में Times Group के Deputy General Manager और Head Northeast India Anshuman Dey से। पुष्प Anshuman को अपना हिंदुत्व का agenda बताते है और चुनावों में इसका फ़ायदा लेने की बात करते है। अपनी सहमति देते हुए Times Group के Deputy General Manager और Head Northeast India Anshuman Dey कहते है, “yes, it should look like a general awareness kind of thing…Agenda के तहत political rivals को thrash करने की बात पर Times Group के Deputy General Manager और Head Northeast India Anshuman Dey कहते है, “नहीं देखिए उस type का आपको बहुत tactfully करना पड़ेगा, tactfully in the sense कुछ कुछ चीज तो है जिसे direct हम छाप नहीं सकते…”।

पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात The Times Group Hyderabad के Deputy Manager Response Vijaya Bhasker Reddy से हुई। पुष्प इन्हें हिंदुत्व के अपने agenda के बारे में बताते है और कहते है कि कैसे Times Group में इसे चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाया जा सकता है। बातचीत में Vijaya Bhasker Reddy पुष्प को सलाह देते हैं कि ऐसे कार्यक्रम को हिंदुत्व का नाम न देकर सत्संग के नाम पर किया जाए। पुष्प की Vijaya Bhasker Reddy से एक और मुलाक़ात हुई। इस बार The Times Group Hyderabad के Deputy Manager Response Srikanth Redddy भी Vijaya के साथ मौजूद थे। Vijaya Bhasker Reddy agenda को लेकर कहते है, “उन लोगों को पहले समझाओ कि भाई आप हिंदू हैं, you should feel proud of it”.

पत्रकार पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात होती है Vijay Prakash Singh से जो रेडियो मिर्ची के Group Head हैं। और वो कहते हैं “No problem… this will be under four month December to march. I will ask my team to send you plan…”

पुष्प शर्मा आगे मिलते है चंडीगढ़ में The Times Group के Deputy Manager Response Vishal Guleri से। पुष्प विशाल को आने वाले elections के मद्देनज़र अपने हिंदुत्व के agenda के बारे में बताते है जिसके तहत events करने की भी बात होती है। चंडीगढ़ में The Times Group के Deputy Manager Response Vishal Guleri पुष्प को सलाह देते है कि Times of India के नाम पर schools बड़ी आसानी से events की permission दे देते है। “Advertisement or all either benefit what… See we do these events and it is very simple we go to school we get sanction or we does things… If you go to school it will be difficult for you to get a sanction but when we go times of India…”


Times Group MD Vineet Jain (right) with finance minister Arun Jaitley (left). Credit: Facebook

पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात हुई NBT Lucknow and Language- BHH के Chief Manager Bipin Kumar से। पुष्प ने बिपिन को अपना हिंदुत्व का agenda बताया जिसे सुनने के बाद बिपिन ने कहा कि अभी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी TOI group से खुश नहीं है।“But otherwise also अभी जो हालात है आपको बताउं मैं हमारे यहां की, कि Modi and Amit Shah is not very happy with TOI group. So they want to do something for them, so that they are happy… अभी एक पहला signal उससे मिलेगा जो ये global business meet है अगर उसमें PM चले गए that means he is mellowing down.”

पत्रकार पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात हुई मुंबई में Times Group की company Worldwide Media में Senior Manager Brand Solutions Atul Mehta, General Manager Product Strategy Priyadarshi Banerjee और Senior Manager Digital Sales Raunaq Raje से। पुष्प इन्हे अपने हिंदुत्व के agenda के बारे में बताते है और बातचीत के दौरान Maharastra Achiever Award program करने की बात करते है। जिस पर Atul Mehta अपनी सहमति देते हुए budget के लिए बोलते है, “सर उसका अगर title हम post करते हैं तो बैठेगा about 1 cr.” इतना ही नहीं अतुल Maharastra Achiever Award को पहले ही fix करते हुए कहते है, “DGP को दे दें सतीश माथुर जी को”

बातचीत के दौरान political satire create करने की भी बात होती है जिस पर Worldwide Media में Senior Manager Brand Solutions Atul Mehta और Senior Manager Digital Sales Raunaq Raje अपनी सहमति देते है। Raunaq Raje आगे कहते है, “Micro site अलग से create करेंगे”

बातचीत के दौरान Times Group की company Worldwide Media में General Manager Product Strategy Priyadarshi Banerjee कहते है, “Media company है दिखना चाहिए कि neutral है”। पुष्प आगे बताते है कि कैसे धीरे धीरे heat देकर मामले को polarize करना है और agenda को आगे लेकर जाना है।

पत्रकार पुष्प शर्मा की अगली मुलाक़ात होती है Times Group के Executive President – Mergers and Acquisitions Corporate Sanjeev Shah से और ये मुलाक़ात कराते है Times Group की company Worldwide Media में General Manager Product Strategy Priyadarshi Banerjee. पुष्प अपनी requirement समझाने के साथ साथ polarization और communalization की बात करते है। पुष्प के हर सवाल का जवाब संजीव “yes, ya and correct” में देते हैं।

पत्रकार पुष्प शर्मा की एक बार फिर मुलाक़ात होती है Times Group के Executive President – Mergers and Acquisitions Corporate Sanjeev Shah से। संजीव पुष्प को बताते है कि agenda को लेकर उनकी Times Group के Managing Director Vineet Jain से बात हुई है। संजीव बातचीत के दौरान Times Group की reach बताते हुए कहते है कि उनके मुक़ाबले का कोई नहीं है। संजीव कहते है, “तो India में कोई भी एक platform नहीं है जो आपको एक दिन में 65 to 75 millions को आप touch कर सको”

Times Group के Executive President Sanjeev Shah पुष्प को सलाह देते है कि हिंदुत्व के agenda के लिए ज़्यादा financial commitment करने पर Times Group के Managing Director Vineet Jain ज़्यादा interested होंगे। “No this one I have told him also I said this is important for him to decide it is his choice and I think meeting him and bigger the commitment is the more he will be personally interested”

इसी मुलाक़ात के दौरान संजीव शाह पुष्प को Times Group के Managing Director Vineet Jain से मिलवाते है। बातचीत में पुष्प विनीत जैन से पूछते है कि क्या transactional relationship के अलावा भी उनका जुड़ाव संगठन से रहेगा? विनीत कहते है कि corporate होने के नाते उन्हें दिखने में तो neutral होना है। बक़ौल विनीत, “मतलब देखने में तो neutral होना चाहिए पूरा जितनी कोशिश करके”।

पुष्प आगे कहते है कि वो इतना investment कर रहे है तो वो selfish भी हो सकता है। पुष्प आगे femina जैसे event में हिंदुत्व के सवाल पूछने की बात करते है। जवाब में विनीत कहते हैं कि “जहां जहां हमारा limitation होगा then you should accept कि है मतलब हमें comfortable नहीं लग रहा suppose Miss India को मैं final question ये नहीं पूछना चाहता then this…”

पुष्प बातचीत में विनीत जैन को बताते है कि payment parts में होगी और कुछ हिस्सा cash में भी होगा जिस पर Times Group के Managing Director Vineet Jain कोई सवाल नहीं करते। यहाँ तक कि वो पुष्प को कहते हैं कि “नहीं that I will.. is not a problem There is cash component which we discuss”

पत्रकार पुष्प शर्मा की मुलाक़ात एक बार फिर Times Group के Executive President Sanjeev Shah और Times Group के Managing Director Vineet Jain से हुई। इस बार ये मुलाक़ात दिल्ली में हुई। बातचीत में पुष्प deal के कुछ हिस्से का payment cash में करने की बात करते है। जिस पर Sanjeev Shah और Vineet Jain पहले तो मना करते है लेकिन फिर cash की मोटी रकम को अलग अलग तरीको से route करने की सलाह देते है। इतना ही नहीं Sanjeev Shah last installment cash में लेने को भी राजी थे। जरा आप भी गौर से देखिए cash को route करने के इन तरीकों को। “तो मेरा request ऐसा था Lets us start with full cheque just now and then lets us se क्योकि just now thing is we don’t have any use of cash neither abroad nor in India” आगे cash को route करने की बात पर संजीव कहते हैं कि “तो Routing कर लिजिए Hemandra भाई को बोल दो कि आप का खर्चा हो रहा है” cash route करने की बात पर संजीव किसी कुमार का ज़िक्र करते हुए कहते हैं कि “हमारा ये हैं की आप अगर कुमार जी के through request कर लो तो फिर वो भी एक route हैं कुमार जी का और हमारा…”

बातचीत में Times Group के Managing Director Vineet Jain ने एक और सुझाव दिया। विनीत ने नामी businessman के through cash adjustment करने का रास्ता बताया। क्या है ये रास्ता जरा आप भी देखिए। बक़ौल संजीव “Essar is being, Ambani is being Adani is there” आगे संजीव कहते हैं कि उन्हें किसी corporate से पैसा लेने में कोई दिक्कत नहीं हैं “हम को किसी भी corporate से लेने मे problem नहीं हैं”

Times Group के Executive President Sanjeev Shah ने हिंदुत्व का agenda चलाने के लिए e-mail के जरिए 500 करोड़ का proposal भी भेजा। एक दिन में England की जनसंख्या से भी ज़्यादा यानि लगभग 65-70 million लोगों तक पहुँच का दावा करने वाले Times Group के ऊंचे पदों पर आसीन लोग पत्रकारिता और सामाजिक जिम्मेदारियों को सरेआम नीलाम कर रहे है। क्या कभी इस पर कोई लगाम लग पाएगी या पत्रकारिता सिर्फ व्यापार बनकर रह जाएगी।

हमारी तहकीकात का हिस्सा बने बाकी मीडिया संस्थानों की तरह हमने टाइम्स ग्रुप को भी एक विस्तृत प्रश्नावली भेजी जिस पर उन्होंने जवाब दिया। हालांकि, हम इनके जवाब प्रकाशित करने से वंचित हैं, क्योंकि उनका email इस आदेश के साथ आता है : “गोपनीय, प्रकाशन के लिए नहीं, जब तक कि हम लिखित में इस बारे में आपसे न कहें।” (Confidential. Strictly not for publication, unless approved by us in writing)




PAY TM: संगठन को सामने नहीं लाएंगे? मैं तो संघ से बहुत जुड़ा हुआ हूं।

पेटीएम ने 2010 में अपनी मोबाइल ऐप आधारित भुगतान सुविधा के रूप में अपनी यात्रा शुरू की। इसकी स्थापना वन79 कम्यूनिकेशन के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने की थी। 2016 में इसका सबसे बड़ा ब्रेक आया जब 8 नवंबर को बीजेपी सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की, जिसमें तत्काल प्रभाव से 500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया।


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नोटबंदी का प्रभाव ऐसा पड़ा कि रातोंरात ये कंपनी मशहूर हो गई, हालांकि नोटबंदी के दौरान पेटीएम को पैसा कमाने का खूब मौका मिला। अनुमान है कि मार्च 2017 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में कंपनी ने 813 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, उपयोगकर्ता आधार के हिसाब से कंपनी के व्यापार में 150 मिलियन से 200 मिलियन तक भारी वृद्धि देखी गई, जबकि आम नागरिकों की कड़ी मेहनत के पैसे बेकार हो गए और उन्हें घंटों तक बैंकों की कतार में खड़े रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पुराने नोट जमा कराने के लिए। इस दौरान 50 दिनों में करीब 150 लोगों ने अपनी जानें गंवाईं। इस दौरान किराना तक का सामान लेने के लिए सरकार ने digital modes of payment को खूब बढ़ावा दिया। देश के करोड़ो नागरिक उस वक्त सकते में पड़ गए जब एक वीडियों में उन्होंने पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा को जनता के दर्द और मौतों पर मजाक उड़ाते देखा। एक प्रोग्राम में विजय को ये कहते देखा गया था कि “हम हत्यारे हैं, हम हत्यारे हैं … जो हमारे साथ नहीं है वो रोएंगे … एक साल में वो किया जो उन्होंने दस साल में नहीं किया… कलेजा दिया, खून दिया, जान दी, सब कुछ लागा दिया बहनचोद”

देश भर में 7 मिलियन से अधिक पंजीकृत व्यापारियों और 200 मिलियन से अधिक वॉलेट उपयोगकर्ताओं के साथ, पेटीएम अब एक बहुत ही विविध ई-कॉमर्स कंपनी है, जो भारतीय खरीदारों के लिए अनिवार्य हो रही है, फ्लिपकार्ट के बाद दूसरा नंबर इसी का है।

वरिष्ठ पत्रकार पुष्प शर्मा ने यह जांचने का फैसला किया कि क्या पेटीएम भी अपने ऐप पर उनके एजेंडे को बढ़ावा दे सकता है। हैरानी की बात है कि पुष्प अपनी इस कोशिश में निराश नहीं हुए। जब वो उपाध्यक्ष सुधांशु गुप्ता और सीनियर उपाध्यक्ष अजय शेखर शर्मा से पेटम के नोएडा कार्यालय में मिले थे। पुष्प के साथ हुई उनकी ये मुलाकात काफी चौंकाने वाली साबित हुई, क्योंकि टॉप लेवल के इन अधिकारियों ने न केवल आरएसएस के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों का खुलासा किया बल्कि यह भी स्वीकार किया कि वे अपने लाखों ऐप उपयोगकर्ताओं को केंद्र सरकार के साथ साझा करने के लिए कबूल कर सकते हैं।
पुष्प शर्मा की पहले मुलाकात सुधांशु गुप्ता से होती है इससे पहले कि पुष्प अपने एजेंडा के बारे में इन्हें बता पाते सुधांशु पुष्प को संघ और सरकार से अपने नजदीकियों को बताने में लग जाते हैं। पुष्प को एक पेटीएम ऐप दिखा कर वो कहते हैं कि “By the way मैं आपको एक चीज़ और दिखाता हूं in case you should obviously know our political affiliation … this is our Paytm app. Nowdays Mr.Modi is right here. उनकी book आई है अभी extra Exam Warriors. We are … We are actually promoting this book …”

ये पुष्प को आगे बताते हैं कि इनके e-format में पीएम की बुक भी है, आगे सुधांशु कहते हैं कि “So मेरे को ना what I will have to do is I really have to understand how do you want to propagate and what is your content” (मुझे क्या करना होगा मुझे वास्तव में समझना है कि आप प्रचार कैसे करना चाहते हैं और आपका content क्या है)

अपनी जिज्ञासा को पूरा करने के लिए, पुष्प इन्हें अपने एजेंडे के बारे में बताते हैं और सुधांशु से पूछते हैं कि वो कैसे पेटीम के जरिए इसे प्रमोट करना पसंद करेंगे। पुष्प की बात पूरी होते ही सुधांशु इन्हें बताते हैं कि “While you talking I am getting some ideas of that (जब आप बात करते हैं तो मुझे इसके कुछ आइडिया मिल रहे हैं)…तो हम क्या करते हैं ना हम पेटीएम एप पे क्विज चलाते हैं …हम आपकी भगवत गीता के राऊंड चला देंगे ” पुष्प कहते है कि हिंदुत्व को प्रमोट करने के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। सुधांशु आगे कहते हैं कि “बिल्कुल वो ही क्विज चला देते हैं लोग मतलब आप विश्वास नहीं करोगे कुछ को डेली कम से कम 25-30 हजार लोग आकर ये क्विज खेलते हैं..ये चला देते हैं हम आपके लिए”

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इसके बाद पुष्प की इनसे एक और बैठक दिल्ली के होटल में होती है। इस बैठक में सुधांशु के साथ पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और विजय शेखर शर्मा के छोटे भाई अजय शेखर शर्मा भी थे। अजय शेखर पुष्प से पूछते हैं कि वह अपने ग्राहक यानी पुष्प के लिए क्या कर सकते हैं, तो पुष्प दोहराते हैं कि उसने पहले से ही उनके सहयोगी सुधांशु को इसके बारे में बताया था। दरअसल उनका एजेंडा श्रीमद् भगवद् गीता प्रचार समिति के माध्यम से हिंदुत्व का प्रचार करना है। लेकिन हम संगठन को इस अभियान के प्रायोजक के रूप में शामिल नहीं करना चाहते हैं। इसपर अजय शेखर पूछते हैं कि “संगठन को सामने नहीं लाएंगे ? मैं तो संघ से बहुत जुड़ा हुआ हूं” इस एक वाक्य के जरिए अजय शेखर संघ से अपने जुड़ाव का खुलासा करते हैं। आगे अजय शेखर अरुण कुमार, कृष्णा गोपाल, एस के मिश्रा और यहां तक ​​कि शिव राज चौहान से भी अपनी नजदीकियों के बारे में बताते हैं। अजय शेखर बताते है कि उनकी संघ के इन सभी बड़े नेताओं से बातचीत है, और उनसे व्यावसायिक रिश्ते भी है, “संघ में centre में मिला हुआ हूं अरुण कुमार जी, प्रफुल केल्कर जो एडिटर… मतलब मेरे कभी discussion में ये बात आई नहीं निकलकर जो बात आप बोल रहे हो मतलब मेरे हर तरह के discussion होते हैं” पुष्प इन्हें बताते है कि वह “गुप्त व्यवस्था” के तहत काम कर रहे हैं, यानी एक गुप्त व्यवस्था है, और फिर संघ तो पूरी तरह से गुप्त काम करने के लिए जाना जाता है।

आखिर में पुष्प अजय शेखर के सामने एक पैंतरा फेंकते हैं और इन्हें बताते हैं कि संघ के सुप्रीमो मोहन भागवत भी इनके आश्रम में आ चुके हैं। और वो इन्हें व्यग्तिगत तौर पर जानते भी हैं। पुष्प इनसे ये भी कहते हैं कि अगर अजय शेखर को उनपर विश्वास नहीं हो तो वो हमेशा इंटरनेट पर चैक कर सकते हैं क्योंकि सबकुछ वहां उपलब्ध है। पुष्प की बातों से अजय शेखर इस कदर उत्सुक और प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा “इतना बड़ा काम कर रहे हैं और हम तो क्या बताएं हम क्या-क्या काम कर रहे होते हैं कुछ हम भी नहीं बता सकते आपको मतलब कुछ ऐसा काम हमसे करवाए संघ ने मैं आपको बता नहीं सकता ठीक है”

लेकिन ये तो कुछ भी नहीं इसके अगले ही पल अजय शेखर जो खुलासा करते हैं वो वाकई चौंकाने वाला है। अजय शेखर बताते हैं कि पंचजन्य के संपादक केलकर उनके अच्छे मित्र हैं और कहते हैं कि “अरे मेरी दोस्ती तो उनसे दोस्ती का मतलब आप अगर पंचजन्य को उठाएंगे ना तो उसमें पेटीएम के एड दिखेंगे आपको..आप देखना कभी जाके आपको दिख जाएगा…वो उनके कहने से करे हैं हमने”

अजय शेखर इस बात पर जोर देकर कहते हैं कि वह आरएसएस में विशेष रूप से केलकर से बात करेंगे। आरएसएस को इस तरह के तरीके को अपनाने की क्या जरूरत थी जबकि वो खुद उनके साथ सीधी बात कर सकते थे। अजय शेखर बड़े पैमाने पर आश्चर्य करते हैं, आगे अजय शेखर आरएसएस और बीजेपी मंत्रियों के कुछ और नाम गिरते हुए कहते हैं कि “मैं थोड़ा confidence … confidence क्या मेरी समझ नहीं आ रहा कि हमसे क्यों नहीं कह रहे वो” आगे पुष्प इनसे अपने गुरुजी की वीडियो उनके एप पर अपलोड करने के लिए आग्रह करते हैं। इसपर अजय शेखर पुष्प को आश्वस्त कराते हुए कहते हैं कि “नहीं नहीं वो सब हम कर देंगे अगर RSS कहेगा क्योंकि RSS तो हमारे ब्लड में है” आगे अजय शेखर बताते हैं कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं “मैं पूछूंगा करना है तो फिर उनको बताकर करेंगे हम भी तो अपने नंबर बनाएं सीधी सी बात है जब इतना कर चुके हैं तो करना ही क्या है”

देखिये क्या कहता है द वायर कोबरा पोस्ट के ऑपरेशन पर।

अजय शर्मा एक तरफ कहते हैं कि वह बचपन से आरएसएस के करीब है, और दूसरी तरफ हमें बता रहे हैं कि हम बिजनेस से जुड़े हुए हैं। ये साबित करने के लिए कि वे सरकार और आरएसएस दोनों के करीब कितने करीब हैं, अजय शेखर ने एक और खुलासा किया “जब JK में बंद हुए थे ना पत्थर… तो हमारी personally PMO से फोन आया था कहा गया था कि data दे दो हो सकता है कि Paytm user हों?

जैसा कि paytm का दावा है “हम आपकी व्यक्तिगत जानकारी किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेचेंगे, साझा नहीं करेंगे या अनचाहे email और sms के लिए email address या मोबाइल नंबर इस्तेमाल नहीं करेंगे। paytm द्वारा भेजे गए कोई भी email या sms केवल सहमत सेवाओं के तहत होता है जो की इस गोपनीय नीति के प्रावधान के संबंध में होता है” लेकिन तहकीकात में ये भी पता लगा कि ये उनकी इस नीति का पूरी तरह उल्लंघन है। सरकार के साथ data share करते वक़्त भी paytm ने अपनी सुरक्षा नीति का भी उल्लंघन किया “हमारे नियंत्रण में जानकारी के नुकसान, दुरुपयोग और परिवर्तन की सुरक्षा के लिए पेटीएम के पास कड़े सुरक्षा उपाय हैं। जब भी आप अपनी खाता जानकारी बदलते या एक्सेस करते हैं, तो हम एक सुरक्षित सर्वर का उपयोग करते हैं। एक बार आपकी जानकारी हमारे कब्जे में हो जाने के बाद हम सख्त सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, इसे गलत हाथों में पहुँचने के खिलाफ सुरक्षित करते हैं।”

बीजेपी और संघ के बड़े नेताओं से अपने संबंधों का जिक्र करने के बाद अजय शेखर एक और खुलासा करते हैं। ये बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीया का जिक्र करते हुए कहते हैं कि “देखो ये जो कैलाश जी हैं ये मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं.. मतलब इन्होंने हमारे बहुत काम किए हैं.. मेरे एक दोस्त बंगाल में IPS है, इनके लिए बहुत काम कर रहा है वो इस टाइम.. ये शिवराज जी हैं इनसे ओह मतलब ये जानते हैं अजय शेखर”

आगे पुष्प कहते हैं कि मोहनभागवत जी उनके गुरूजी से मिलने आश्रम आए थे और वहां पर उन्होंने इन सब बातों पर चर्चा की थी। लिहाजा ऐसा कुछ है कि आप इसपर उनसे बात करें और कहें कि उन्होंने सीधा आपको आदेश क्यों नहीं दिया। इसपर अजय शेखर कहते हैं कि “नहीं छोटी नहीं है मैं मान रहा हूं लेकिन जब मैं मोहन भागवत जी के साथ सारे काम कर रहा हूं और मोहन भागवत जी कहें भैया तुम ये कर रहे हो तो उनको बता तो दूं कि आपके लिए कर रहा हूं”

केंद्र और अन्य राज्यों में आरएसएस और बीजेपी सरकारों के साथ उनके घनिष्ठ संबंधों के इस तरह के खुलासे हैरानजनक हैं। सवाल ये खड़ा होता है कि पिछले कुछ वर्षों में पेटीएम ने जिस तरह जबरदस्त तरक्की हासिल की है क्या उसके पीछे इस भगवा ब्रिगेड का हाथ तो नहीं। केंद्र में सरकार बनाने वाली बीजेपी ने एक साल के भीतर ही यानी अप्रैल 2015 में पेटीएम ने भारतीय रेलवे के साथ एक समझौते में प्रवेश किया, जिसमें पेमेंट वॉलेट टिकटिंग से संबंधित transactions के लिए स्वीकार्य था, और उसी वर्ष दिसंबर में, आईआरसीटीसी ने घोषणा की कि Paytm ऐप के इस्तेमाल से आप रेलवे में खानपान सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह वह साल था जब पेटीएम और इसकी होल्डिंग कंपनी ने चीनी ई-कॉमर्स प्रमुख अलीबाबा के जैक मा जैसे निवेशकों के साथ विजय शेखर शर्मा के venture में निवेश किया था। उस वर्ष मार्च में जैक मा ने भारत का दौरा किया और वो प्रधान मंत्री मोदी से मिले थे। इसके अगले ही साल बीजेपी सरकार ने डिजिटल इंडिया के लिए अपना अभियान शुरू किया। हालांकि, “surgical स्ट्राइक” शुरू होने से दो महीने पहले, पेटीएम अपनी उपस्थिति में सर्वव्यापी बन गया था, समाचार पत्रों के पहले पन्नों में और प्राइम टाइम टेलीविजन के ब्रेक स्लॉट्स में पेटीएम का कब्जा होने लगा था। यहां तक कि पेटीएम ने अपने विज्ञापनों में पीएम मोदी को ब्रांड एम्बेस्डर के तौर पर प्रस्तुत किया। हालांकि बाद में इसे हटा दिया गया। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि विजय शेखर ने अपने विज्ञापनों में से एक में पीएम मोदी को उनके साहसी फैसले के लिए सराहा भी। हालांकि नोटबंदी से आम जन बेहाल हुए लेकिन दूसरी तरह यही नोटबंदी पेटीएम के लिए आविष्कार साबित हुई। नोटबंदी के दौरान पेटीएम ने विज्ञापनों में मोटा पैसा खर्च किया और जन-जन तक अपनी पहुंच बनाने की भरपूर कोशिश की।







साभार - भड़ास फ़ॉर मीडिया 


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