अंकित आज बीमार हैं लेकिन उसका ऑपरेशन 2024 में होगा।





फ़ोटो - गूगल 

कहते है कि बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज अगर समय रहते कर लिया जाये तो आप ठीक हो जायेंगे।

लेकिन तब क्या होता है जब आपके पास समय हो  लेकिन डॉक्टर के पास आपके ऑपरेशन के लिए समय न हों। ऐसे में जाहिर है आप कुछ टाइम बाद इस दुनिया में शायद न रहें।

दैनिक जागरण में छपी खबर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रहने वाले 13 साल के अंकित विश्वकर्मा के दिल मे छेद हैं। पहले 12 साल तक उसका इलाज बीएचयू मेडिकल इंस्टीट्यूट में चला। पर दिल का एक वाल्व खराब होने के कारण उसे बीएचयू मेडिकल इंस्टीट्यूट से एम्स रेफर किया गया। 

शुरुआती छह महीने विभिन्न टेस्ट कराने में बीत गए और बाद में ऑपरेशन की तारीख 17 जनवरी, 2024 की मिली। यानी करीब साढ़े पांच साल बाद।

अंकित के पिता सुनील डॉक्टरों से जल्द से जल्द इलाज करने की विनती कर रहे हैं लेकिन डॉक्टर उनकी फ़ाइल फेंककर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देंते हैं। दैनिक जागरण के अनुसार  ऑपरेशन के लिए अब तक की यह सबसे लंबी वेटिंग है।

सुनील वारणसी के दौलतपुर स्थित काली धाम कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनके परिवार में तीन बच्चें और पत्नी हैं। अंकित उनका सबसे छोटा बेटा हैं। पेशे से सुनील बेलदार के पद पर कार्यरत हैं।

दरअसल अंकित के पैदा होने के बाद उन्हें पता चला कि उसके दिल में छेद हैं। जिसके बाद बीएचयू मेडिकल इंस्टीट्यूट से 12 साल तक दवा चली। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि चार में एक वाल्व खराब है, जिसे बदलना पड़ेगा और एम्स रेफर कर दिया।

21 जनवरी को सुनील अंकित के साथ एम्स गये। करीब एक महीने बाद OPD के लिए कार्ड बना। इसके बाद जब भी पहुंचते, डॉक्टर नई जांच लिख देते थे। इसमें ही छह महीने गुजर गए। लेकिन दो जुलाई को बताया गया कि ऑपरेशन के लिए 17 जनवरी, 2024 की तारीख मिली। अनुमानित खर्च 75 हजार रुपये और चार यूनिट रक्त जमा कराने को कहा गया।

सुनील ने दैनिक जागरण को बताया कि वो इलाज जल्दी हो इसके लिए वो दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के दफ्तर के भी चक्कर काटें  लेकिन उनके निजी सहायक ने एम्स के नाम पत्र लिखकर दिया पर सुविधा नहीं मिली। सुनील अब अंकित के साथ वाराणसी लौट चुके सुनील ने बताया कि बड़ी उम्मीद के साथ दिल्ली गए थे।





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