देश के लोगों को अब भी हिमा का काम नहीं जात ही जानना है।


By - सूरज मौर्या



फ़ोटो - इंडियन एक्सप्रेस

हिमा दास ये नाम आज से पहले शायद ही कोई जानता था। इस नाम को इस काबिल बनाने के लिए हिना ने न जाने कितनी रातें और दिन एक कर इसे सींचा होगा। जिस वजह से आज हिमा सबके जुबान पर हैं। 

हिमा ने हाल ही में IAAF में 400 मीटर की रेस जीत कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। जिसके बाद वो भारत की पहली एथेलीट महिला बन गयी जिसने देश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीता हो।

फ़ोटो - द इंडियन एक्सप्रेस 

एक तरफ देश हिमा दास को सोशल मीडिया और अन्य मार्गों से बधाई दे रहा था तो वहीं गूगल पर कुछ लोग ऐसे भी थे जो हिमा दास की जाति के बारे में पता कर रहे हैं। नतीजन हिमा की जाति को लोगों ने गूगल पर इतना सर्च कर डाला कि अगर आप गूगल पर सिर्फ हिमा का नाम भी टाइप करेंगे तो नीचे आपको हिमा के जाति के बारे में भी बताया जायेगा।

ये पहली दफा किसी चैंपियन के साथ नहीं हुआ हैं इसके पहले भी जब पी. वी सिधु ने रिओ ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था तब भी गूगल पर सबसे अधिक बार उनकी जाति को सर्च किया गया था। 

लोगों की ऐसी मानसिकता को देखकर यही लगता हैं कि हमारे में देश सबसे ज्यादा अगर किसी बात का ख्याल रखा जाता है तो वो हैं आपकी जाति और धर्म का। फिर चाहे आप देश के लिए स्वर्ण पदक ही क्यों न ले आओ। 







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