50 के दशक के सिंगर फ्रैंक सिनात्रा की आवाज़ कोई आम आवाज़ नहीं हैं।




फ़ोटो - गूगल 

किलिंग मी सॉफ्टली : फ्रैंक सिनात्रा

ये वो आवाज़ है जिसे आप जी सकते हैं। ये वो धुन है जिसमें ठहरा जा सकता है किसी के साथ कुछ वक़्त के लिए। ये आवाज़ कोई आम आवाज़ नहीं है।  ये आवाज़ है 50 के दशक के सिंगर फ्रैंक सिनात्रा की। कुछ चीज़ें होती हैं जिन्हें आप सुनकर भूल जाते हैं। कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें आप चाहकर भी नहीं भूल पाते हैं । वो न भूलने देने वाली कारीगरी थी फ्रैंक सिनात्रा के गीतों में।  जो आज से 50 साल पहले भी उतने ही प्रभावशाली थें जितने की आज हैं।  

सितम्बर 1935 में सिनात्रा नज़र आएं वोकल ग्रुप  "होबोकेन फोर ऑन मेजर बोवस्" के साथ एक रेडियो कॉटेस्ट में। ग्रुप ने कांटेस्ट जीता और सिनात्रा ने दिल। हैरी जेम्स जो कि एक ट्रम्पटर्र थें। उन्होंने अपना एक बैंड बनाया और सिनात्रा को अपने बैंड में शामिल किया। इस तरह इस नए सिंगर ने जुलाई 13 , 1939 को अपनी पहली रिकॉर्डिंग पूरी की। इसके बाद सिनात्रा ने मशहूर बैंड लीडर टॉमी डॉर्सि का प्रस्ताव स्वीकार किया। उन्होंने मिल कर करीब 16 टॉप टेन हिट्स रिकॉर्ड कियें। जिनमें उस वक्त का चार्ट टॉपर "आई विल नेवर स्माइल अगेन" भी शामिल था । इस वक्त में सिनात्रा ने डॉर्सि के साथ मिलकर कई रेडियो शोज़ में परफॉर्म किया। 

1942 में सिनात्रा की शुरुआत हुई एकल गायन से। जिसे एलेक्स स्टोर्धल ने संचालित किया था। जिसमें चार गानों में से एक कोल पोर्टर का "नाईट एंड डे" भी था। ये पहली बार था जब सिनात्रा का अल्बम उन्हीं के नाम से आया हो। 

इसके बाद डॉर्सि और सिनात्रा का साथ यहीं पर ख़त्म हो गया और सिनात्रा ने सितम्बर 1942 में डॉर्सि के बैंड को अलविदा कह दिया।

सिनात्रा को अपने बाएं चेहरे की तस्वीर देना पसन्द नहीं था। बायें चेहरे पर कुछ निशानों की वजह से उसे स्कारफेस भी कहा जाने लगा था। अपने छोटे कद की वजह से वो लंबे सोल वाले जूते पहनते थें। 1940 का दौर वो दौर था जिसने अमेरिका को उनका पहला टीन आइडियल दे दिया था फ्रैंक सिनात्रा के रूप में।  

सिनात्रा के ज़िन्दगी में बुरा दौर भी आया 1950 का वो समय जब एडी फिशर जवान दिलों की धड़कन बन चुका था। जिसकी वजह से सिनात्रा ने कई बार खुदकुशी का भी प्रयास किया।  

"रैट पैक" बैंड (फ्रैंक सिनात्रा ,डीन मार्टिन ,सैमी डेविस ,जोई बिशप और पीटर लॉफोर्ड)  के दो सबसे बेहतरीन किरदार थें डीन मार्टिन और फ्रैंक सिनात्रा। दोनों के बीच के तारतम्यता को हम बस घर पर बैठे महसूस ही कर सकते हैं । उन दोनों का स्टेज पर आना और चारो ओर सिर्फ उनके नाम की गूंज।  

"अगर तुम लड़की होते तो मैं तुम्हारे साथ में जाता। तुम लड़की क्यों नहीं हो ? डीन के द्वारा सिनात्रा से पूछा गया एक मज़ाकिया सवाल था।"


"स्ट्रमिंग माय पेन विथ हर फिंगरसिंगिंग माय लाइफ विथ हर वर्ड्सकिलिंग में सॉफ्टली विथ हर सांगकिलिंग मी सॉफ्टली विथ हर सांग"







Comments