राहुल गांधी साहब आप मेरे बाप की उम्र के हो अब तो परिपक्व हो जाओ।

By - प्रशांत कनोजिया



"खत लिख रहा हूँ खून से स्याही न समझना,सच बता रहा हूँ खत में बुराई न समझना।"





मुसलमान राजनीतिक दल नहीं बना पाए, वो आतंकी संगठन कैसे बना लेंगे ?

राजकुमार राहुल गांधी,

आपका एक बयान सुना जिसमें आपने कहा कि अगर मुसलमानों का इसी तरह शोषण होता रहा और अत्याचार होता रहा तो एक दिन IS जैसा आतंकी संगठन बन जाएगा. आपको ये समझना चहिए और अपने बुजुर्गों से पूछना चाहिए कि क्या मुसलमानों की बेहतरी के लिए आपकी पार्टी ने कुछ किया? ये सवाल का जवाब न आप दे पाओगे और न ही आपके नेता.

जिस मुसलमान कौन की बात आप कर रहे हैं, इतना मार खाया, दंगों में कटा, शिक्षा और नौकरी से वंचित हुआ. जिसने उसे हथेली पर चांद दिखाया वो उसके पीछे डंडा और झण्डा लेकर चल पड़ा. किसी ने उसकी ढाड़ी जलाई तो किसी ने उसका घर तो किसी ने उसकी तक़दीर. फिर भी उसने चु नहीं कि. वो आज़ादी के बाद अपना राजनीतिक दल नहीं बना पाया, तो वो कैसे आतंकी संगठन बना लेगा. आपका तर्क गलत है.

आप बात तो करते हो लेकिन आपको किसी बात का डर थोड़ी न है. जरूरत पड़े तो खुद को हिन्दू बोल दोगे और उससे भी बात नहीं बनी तो अपना जनेऊ दिखा दोगे. लेकिन वो क्या करें? इसका जवाब नहीं है आपके पास. आतंकी संगठन दूर की बात है उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपना राजनीतिक दल ही बना लिया तो आपका क्या होगा? आपकी तो दुकान बंद हो जाएगी. ऐसे बयान मत दो मेरे पिता के उम्र के हो कम से कम इतनी परिपक्वता तो रखिए.






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