Asia Cup :अफगानिस्तान के खिलाफ अगर कल भारत हार भी जाता तो गम न होता



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वक्त अच्छा भी आयेगा ग़ालिब, यह लाइन अक्सर बुरे दौर में खुद को दिलासा देने के लिए कहा जाता है. हालांकि इस लाइन के साथ-साथ आपको उस ट्रैक पर चलने की भी जरूरत होती है जहाँ से आपको अच्छा लाइन मिल सके. वह ट्रैक मिल सके जहां से आपकी गाड़ी फर्राटे लेकर दौड़ सके. यहां सब कुछ नौसिखिये अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के लिए कहा जा रहा है. अभी कुछ महीनों पहले तक इस टीम का विश्व क्रिकेट में कोई वजूद नहीं था लेकिन देश के खिलाड़ियों ने अपने मेहनत के बल-बूते जिस तरह का प्रदर्शन किया वह वाकई काबिले तारीफ है. निश्चित रूप से मौजूदा समय अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए स्वर्णिम (गोल्डन पीरियड) कहा जा सकता है.

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हाल के दिनों में जिस तरह से इस देश के क्रिकेटर्स ने प्रदर्शन किया है उसे देख हर क्रिकेट प्रेमी का दिल बाग़ बाग़ हो गया है. एक ऐसी टीम जिसने अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में अभी हाल ही में डेब्यू किया. लेकिन आज वह दिग्गज टीमों को धुल चटा रही है. इससे ज्यादा अफगानिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों को क्या चाहिए. आपको बता दें, अभी अफगानिस्तान एशिया कप खेल रही है जहां एशिया की सभी दिग्गज टीमें इस नौसिखिया टीम के सामने बेबस नजर आ रही हैं. क्रिकेट के जानकार तो पहले ही कह चुके हैं कि यह टीम एक दिन विश्व क्रिकेट पर अपने नाम का डंका बजवायेगी. भारत के खिलाफ मंगलवार को इस टीम ने जैसा प्रदर्शन किया इससे अधिकतर लोगों को हैरानी नहीं हुई. मैच बराबरी पर छूटने के बाद भी टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खुश थे, वे अफगानी क्रिकेटर्स की प्रशंसा कर रहे थे ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें एहसास था कि इस टीम ने भारतीय टीम से इस मैच में बेहतर प्रदर्शन किया. अनुभवहीन अफगानी टीम ने जिस तरह से दबाव वाले क्षण को हैंडल किया उनकी जितनी भी तारीफ की जाये कम है.

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जिस तरह से इस टीम ने बांग्लादेश को 136 रन से हराकर टूर्नमेंट के ग्रुप स्टेज से सुपर 4 में धमाकेदार एंट्री की. फिर श्री लंका को 91 रन से करारी शिकस्त देकर उसे टूर्नमेंट से बाहर कर दिया. अपने ग्रुप में अफगानिस्तान की टीम अनुभव के आधार पर सबसे कमजोर मानी जा रही थी, लेकिन अपने उम्दा प्रदर्शन से उसने टॉप पोजिशन हासिल कर सुपर 4 में जगह बनाई है. फिर भारत जैसे टीम के साथ इस टीम ने मैच ड्रा कराया. अब तक खेलों का इतिहास देखें, तो अच्छी-अच्छी टीमें बनने में कई-कई दशक लग जाते हैं. अफगानिस्तान में तो हालात भी सामान्य नहीं हैं और यह देश बीते कई सालों से युद्धभूमि बना हुआ है, जहां तालीबान के साथ संघर्ष चल रहा है. इस देश के खिलाड़ी अपनी क्रिकेटिंग स्किल्स भी किसी दूसरे मुल्क (भारत और पाकिस्तान) में सुधार रहे हैं. इस टीम के खिलाड़ियों ने रिफ्यूजी कैंपों में रहकर क्रिकेट से नाता जोड़ा है. इसके बावजूद इस स्तर पर उनका प्रदर्शन सराहनीय है. इससे पहले भी इस टीम ने वनडे क्रिकेट में दिग्गज टीमों को हराया है. वर्ल्ड कप 2019 में क्वॉलिफाइ करने के लिए वेस्ट इंडीज जैसी मजबूत टीम को भी हार का मजा चखा चुकी है.

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इस टीम की कामयाबी की सबसे बड़ी वजह यह है कि यह टीम किसी एक स्टार पर निर्भर नहीं है. अफगान टीम एकजुट होकर खेलना जानती है और यही बात उसे दुनिया की सफल टीमों में शुमार कर रही है. राशिद खान भले उसके स्टार खिलाड़ी हैं. लेकिन मोहम्मद शहजाद (विकेटकीपर बल्लेबाज), रहमत शाह (बल्लेबाज), हसमुतुल्लाह शाहिदी (बल्लेबाज), मोहम्मद नबी (तेज गेंदबाज) और मुजीब उर रहमान (स्पिनर) सरीखे खिलाड़ी भी अपना दमखम झोंकते हैं और दुनिया की दिग्गज टीमों के सामने कड़ी चुनौती पेश करते हैं. अफगान टीम का बोलिंग अटैक इतना शानदार है कि दुनिया की बड़ी-बड़ी टीमें इस बोलिंग अटैक का सामना करने से घबराती हैं.








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