आरोपी को सजा सुनाने के बाद जज ने लिख सुनाई कविता।





क्राइम
फ़ोटो - गूगल 


तीन साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करनेके जुर्म में राजस्थान के झुंझुन पोक्सो कोर्ट ने 28 दिनों के भीतर ही आरोपी को मौत की सजा सुना दी।

जानकारी के मुताबिक़ मासूम अपनी मां के साथ अपने नानिहाल आयी हुए थी। 2 अगस्त की सुबह जब घर पर कोई नहीं था तब बाइक पर फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाले विनोद ने दो अगस्त की सुबह बच्ची को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।

मलसीसर थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगले दिन ही आरोपी विनोद को चिड़ावा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ पोस्को एक्ट और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने इस केस को स्पेशल स्कीम में लिया था। जिस वजह से कोर्ट ने 28 दीनों के अंदर ही मामले पर अपना फैसला सुना दिया।

बच्ची के साथ हुई इस घटना ने जज के आंखों में पानी भर दिया। तीन साल की मासूम के साथ की गई दरिंदगी के दोषी को मौत की सजा सुनाते वक्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नीरजा दाधीच बेहद भावुक हो उठीं और फैसले में कविता लिखकर सुनाई।

वह मासूम नाजुक आंगन की कली थी 
उससे यह हुआ अन्याय कैसे विधि के लेखे थे
एक 3 साल की बेटी पर यह कैसा अत्याचार हुआ
 
ऐसा मुल्क लाचार हुआ
 
मेरा कलेजा फट गया तो मां कैसे सोई होगी
 
देख उसी को मन में कुछ हैवान उतर आता है
 
 आज 3 साल की बच्ची को साड़ी कैसे पहनाऊं मैं
 अगर अब भी न सुधर सके तो एक दिन ऐसा आएगा
 

इस देश को बेटी देने में भगवान भी घबराएगा
मां-बाप की आंख का तारा थी अरमानों से बनी थी
जिसकी मासूम अदाओं से मां-बाप का दिल बन जाता था
कुछ छोटी सी बच्ची थी ढ़ंग से बोल नहीं पाती थी
दिखाकर जिसकी मासूमियत उदासी बन जाती थी

जिसने जीवन के केवल तीन बसंत ही देखे थे
एक बच्ची को दंगों से बचा नहीं सके

उस बच्ची पर जुल्म हुआ वह कितना रोई होगी
इस मासूम को देख मन में प्यार भर जाता है

कपड़ों के कारण होते हैं रेप, कहे उन्हें कैसे बतलाऊं मैं

जज ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के काम कर सजा पाने वाले लोगों को समाज में सुधार का कोई हक नहीं मिलना चाहिए।









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