32 साल तक मोदी को बैंक क्यों ढूंढती रही




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पोस्ट बैंक की सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने अपने ज़िंदगी ला एक किस्सा लोगों को सुनाया, " मोदी ने बताया कि बैंक खाता बंद करने के लिए बैंक अधिकारी उन्हें 32 साल तक ढूंढते रहे।"

नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि, "उनके पास कोई ऑपरेशनल बैंक खाता नहीं था क्योंकि उनके पास अधिक पैसा नहीं था कि वो बैंक से लेन देन करते रहे।"

स्कूल के दिनों को किया याद

प्रधानमंत्री ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया कि, देना बैंक ने एक योजना लायी थी जिसके तहत सभी विद्यार्थियों को गुल्लक दिया जाता था और उनका खाता खोला जाता था।

नरेंद्र मोदी को भी एक गुल्लक दिया गया। लेकिन उनका गुल्लक हमेशा खाली रहता था। बाद में नरेंद्र मोदी ने गांव छोड़ दिया

पर बैंक खाता चल रहा था और अधिकारियों को उसे हर वर्ष आगे बढ़ाना था। बैंक अधिकारी खाता बंद करने के लिए नरेंद्र मोदी की तलाश में थे।

करीब 32 साल बाद बैंक अधिकारियों को पता चला कि नरेंद्र मोदी किसी खास स्थान पर है। बैंक के अधिकारी वहाँ पहुँचे और मोदी जी का हस्ताक्षर ले कर उनका बैंक खाता बंद कर दिया। 






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