दुखी और आश्चर्यचकित प्रभू हनुमान का आज आया फोन


शाम के करीब ६ बजे रहे होंगे जब मेरे मोबाइल की घंटी बजी और एक अनजान नंबर से फोन आ रहा था, मैनें सोचा कि शायद कोई खबरी या सोर्स कुछ ब्रेकिंग न्युज बताने के चक्कर में फोन कर रहा होगा... मैंने जैसे ही फोन उठाया, कान के पास लगाया और दूसरे तरफ से आने वाली आवाज सुनी यकीन मानिए मेरे खुशी का ठिकाना ही नही रहा।

क्योंकि जिसकी पूजा करते करते उम्र के कई बसंत पार कर दिए, जिसकी चौखट पर हमेशा नम्र भाव से सर झुकाया, जिसके आशीर्वाद के लिए हमेशा परेशान रहा ऐसे प्रभु अंजनी नंदन, प्रभू राम भक्त, पवनसुत, बजरंगी, महाबली हनुमान का फोन था, लेकिन मेरी खुशी कुछ ही सेकेंड में काफूर ( गायब ) हो गई , क्योकि जिस रुप ने बाली आतंक और अन्याय में सुग्रीव का साथ दिया, जिसने पलक झपकते अपनी भूख मिटाने के लिए सूरज को निवाला बना लिया, जिसने सात समंदर पार जाकर महाप्रतापी मायाबी रावण के लंका में आद लगा दी, जिसने ना जाने कितने राक्षसो का संघार किया, जिस प्रभू ने लक्ष्मण जी को फिर जीवन दिया, जिसको पूजने वाले पूरे विश्व में सबसे ज्यादा है, पूरे ब्रम्हांड में जिसके जिसके सबसे ज्यादा मंदिर हैं और वही संकट मोचन भगवान खुद  धर्म संकट में हैं आखिर ये कैसी विडंबना है कि जिसने लोगो के उपर अपनी कृपा बरसाने के लिए कभी जाति, पाति, पंथ, धर्म देखा उसे उसकी ही जन्मभूमि और प्रभू राम के राज्य में अपनी जाति और धर्म बताने के लिए कठघरे में खड़ा होना पड़ा है।

कभी दलित, कभी सवर्ण, कभी हिंदू कभी मुस्लिम आखिर क्या थे हनुमान ?

पीड़ा और व्यथा से परेशान हनुमान जी ने मुझसे कहा कि  " श्रृष्टी पर लोगों का कल्याण करने में मैंने कभी कोई कोताही नही की, किसी को अपने दरबार से खाली नही जाने दिया और ना ही आज की सरकारो की तरह मैनें कभी झूठे वादे किए फिर मेरे साथ ऐसा बर्ताव क्यों ? 

हां मैने जीवन में गलती की.. लोगो का कल्याण करने के चक्कर में अपना जाति प्रमाण पत्र और धर्म प्रमाण पत्र बनवाना भूल गया, जिसकी  वजह से अब मेरे मंदिर में लोग कम जाते हैं और टीवी स्टूडियो और कैमरे पर मेरे जाति प्रमाण पत्र मांगते हैं, आखिर इस पृथ्वी पर कहा और कौन देता है जाति प्रमाण पत्र अगर पता दे देते तो मैं भी बनवा लेता कम से कम मुझे भी अपनी बात कहने का और सफाई देने का मौका मिल जाता जो देश प्रभू राम को पिछले २८ सालो से टेंट में रख सकता है और उनके उपर पक्की छत नही दे पाता,  अगर वही लोग हमारे जाति और धर्म का सबूत मांग रहे हैं तो उसमें बुराई क्या है ?" 

भगवान के इस बेचैनी का जबाब मेरे पास नही था अगर आप के पास हैं तो जरूर जरूर बतााएँ... बजरंगबली आपके जबाब का इंतजार कर रहे हैं।





Comments