सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी का मास्टरस्ट्रोक

By - आँचल शुक्ला


2018 के पांच विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद बीजेपी में उथल-पुथल मची हुई थी। जनता सवाल कर रही थी कि आखिर आप कब तक जनता को यूं ही राम मंदिर के नाम पर लॉलीपॉप दिखाते रहेंगे। आज की जनता समझदार और साक्षर है। ये विकास चाहती है और बेरोजगार युवा रोजगार चाहते हैं और आपने अपनी सत्ता में रहते हुए सिर्फ़ जनता को प्रलोभन दिया है। विकास तो आपने किया नहीं। किया तो बस हर चीज़ का नामकरण। 

दलित को लुभाने के लिए SC-ST एक्ट को पास किया। लेकिन मोदी सरकार ये अच्छे से जानती है कि सवर्णों के समर्थन के बिना हमारा जीतना असम्भव है क्यूंकि सवर्णों ने बड़े से बड़े चुनावों के परिणाम बदले हैं। ये विगत परिणाम इस बात के साक्षी हैं। अभी तक आपने वोट के लिये दलितों-पिछड़ों और मुस्लिमों पर राजनीति की है। लेकिन हुआ क्या आपको तो उनके वोट भी नहीं मिले। सत्ता में आने के बाद आपकी पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के बड़े बोले और अहंकार आपकी विजय को ले डूबे।

बस कुछ महीनों का वक़्त था आपके पास इस लोकसभा चुनाव की जीत को अपनी ओर मोड़ने के लिए। SC-ST  एक्ट लाने के बाद से ही जनता का एक वर्ग आपसे ख़ासा नाराज़ था। इसका असर पांच राज्यों में होने वाली हर से आपको पता ही चल गया होगा। अब आपकी सरकार में भी खलबली मची हुई थी कि आखिर ऐसा कौन सा फैसला लिया जाए जिससे कि समाज के सवर्ण वर्ग को खुश किया जा सके। तो सभी तथ्यों पर गंभीरता से विचार करने के बाद आपने ये एक ऐतिहासिक फैसला लिया।

अभी तक सवर्णों को आपसे शिकायत थी कि आपने उनके लिए कोई ठोस कदम नही उठाये, ना ही उनकी ओर कोई ध्यान दिया। लेकिन आज सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण का ऐलान करके आपने फिर एक बार सवर्णों का दिल जीत लिया। अब जनता का ध्यान मंदिर मुद्दे की ओर भी कम हो जाएगा। अब सवर्णों का वोट बैंक फिर आपको ही मिलेगा। क्योंकि जनता भी जानती है की अब कितनी भी जल्दी अध्यादेश लाया जाए 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर का निर्माण नही हो सकता। आज का युवा मुद्दों पर वोट देता है। 

ये फैसला भविष्य के लिए अच्छा होगा। आर्थिक स्तिथि से तंग युवाओं को इसका लाभ बड़े रूप से मिलेगा।ये फैसला मोदी के लिए मास्टरस्ट्रोकसाबित हो सकता है। क्योंकि आज सबसे ज़्यादा जनसंख्या युवाओं की है और ये फैसला युवाओं को लाभान्वित करने वाला है। इसलिए मोदी सरकार द्वारा लिया गया ये बड़ा फैसला की सवर्ण के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण दिया जाएगा। 50% आरक्षण की सीमा के ऊपर होगा ये आरक्षण। इसके लिए संविधान संशोधन लाया जाएगा। चूंकि ये आरक्षण गरीबी के आधार पर लिया गया है तो इसके परिणाम भी भविष्य के लिए अच्छे होंगें।

सवर्ण गरीबों की शिक्षा एवं नौकरी के क्षेत्र में लोगों को ख़ासा फ़ायदा मिलेगा। आपके द्वारा लिया गया फ़ैसला 2019 के लोकसभा चुनावों की जीत के लिये जड़ीबूटी का काम कर सकता है। सवर्ण ही चुनावों की रूप रेखा को पलटने का दम रखते हैं। सत्ता में बने रहने के लिए सवर्णों के लिए आरक्षण के लिए लिया गया फैसला एक बार फिर आपकी जीत के लिए रामबाण साबित हो सकता है। इसे आज़ाहटे हैं 56 इंच का सीना। आज़ादी के 70 सालों बाद गरीब सवर्णो के लिए इतना बड़ा फैसला लिया है। 

70 सालों में कोई नहीं सोचता था, लेकिन अब सबका साथ सबका विकास पर चलते हुए मोदीजी ने दलित, ओबीसी के साथ-साथ सवरणों पर भी ध्यान देना शुरू किया है, दस फीसदी आरक्षण आर्थिक तौर पर इसी का उदाहरण है।ईलेक्शन्स की दृष्टि से सवर्णों का आर्थिक आरक्षण, एक बेहतरीन क़दम। उम्मीद है इससे ज़रूर कुछ रूठे हुए फूफ़ा मान जाएंगे। मोदी ने विरोधियों को चक्रव्यूह में डाल दिया..संसद का दृश्य देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी इस बिल का साथ देते है या फिर विरोध।








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