इस लड़के द्वारा डिजाइन की गई शिप समुद्र से प्रदूषण को कम करेगा

By - अली शेख

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पुणे के इस 12 साल के लड़के ने समुद्री जीवों की सुरक्षा के लिए शिप का डिजाइन बनाया है। इस लड़के का नाम हाज़िक काज़ी है। इस लड़के ने ERVIS नाम की एक शिप की डिजाइन तैयार की है। जो समुंदर में होने वाले प्रदूषण को कम करेगा और समुंदरी जीवों की  प्रदुषण से रक्षा करेगा।

हाज़िक काज़ी ने न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए गए इंटरवयू में बताया, मैंने कुछ डॉक्यूमेंट्री वीडियोज देखें और समुद्र में होनेवाले  प्रदूषण की वजह से पानी में रहने वाले जीवों के हो रहे नुकसान के बारे में सोचा। मुझे लगा कि इनकी रक्षा के लिए मुझे कुछ करना चाहिए। मछलियाँ आज जिन्हें हम खाते है वो समुंदर में प्लास्टिक खाती है। जिससे हम अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषित मछली ही खा रहे है जो मानव शरीर को हानि पहुंचा रहा है।

काजी के अनुसार, ईआरवीआईएस हाइड्रोजन और अक्षय प्राकृतिक गैस से भरा एक बड़ा जहाज है, जिसके चारों ओर विभिन्न डिब्बे और तश्तरी हैं। सॉसर कचरे को केंद्र की ओर खींचने के लिए एक भँवर बनाते हैं और एक केंद्रीय आउटलेट की मदद से, कचरे को ट्यूबों की मदद से जहाज के विभिन्न कक्षों तक ले जाते हैं। समुद्र पर तैरते तेल की सफाई के लिए इसी तरह के तंत्र का उपयोग किया जा सकता है। इसमें क्रमशः बड़े, मध्यम, छोटे और सूक्ष्म कचरे के लिए चार ऐसे कक्ष हैं।

काजी ने इंडियाटाइम्स को बताया, "एक बार जब अपशिष्ट कक्षों में कचरा प्रवेश कर जाता है, तो एरविस उसका विश्लेषण करता है, उसे अलग करता है और फ़िल्टर किए हुए पानी को वापस समुद्र में बहा देता है।"

Ted X और Ted ED जैसे मंचो ने तक पहुंच चुके है हाज़िक

अलग - अलग मंचो पर हाज़िक ने अपने शिप की डिजाइन  के बारे में बताया है। हाज़िक ने TedX और Ted ED जैसे मंचो पर ERVIS के बारे में बताया है। लोगों ने हाज़िक को इसके लिए शुभकामनाएं भी दी।

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फ़ोटो साभार- ANI

हाज़िक के अनुसार डिजाइन की गई शिप में ऐसे तकनीक का उपयोग किया है कि वो समुंदर में मौजूद प्लास्टिक को उनके आकार अनुसार अलग करने में मदद करेगा। शिप के डिजाइन के अनुसार मशीन के बॉटम में ऐसे सेंसर का उपयोग किया गया है जो पानी में से प्लास्टिक को अलग करते समय उनमें मौजूद जीवों को पहचान लेगा और उन्हें अलग कर देगा।

9 साल के हाज़िक को आया था ख्याल

हाज़िक जब 9 साल के थे तब उन्हें ये शिप बनाने का ख्याल आया था। उन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री और वीडियोज देखें। जिससे उन्हें समुंदर में मौजूद जीवों की प्रदूषण की वजह से खराब हो रही हालात के बारे में पता चला। इसके बाद हाज़िक समुद्री जीवों के लिए कुछ करने का सोचा। 




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