बीजेपी नेता की हत्या की खुली पोल,अंडरवियर ने कातिल को पकड़वाया



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फ़ोटो साभार - NDTV

अंडरवियर ने कातिल को पकड़वाया

पिछले हफ्ते मध्यप्रदेश के रतलाम के कमेड़ गांव में एक बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या की बात सामने आई थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो ये हत्या झूठी निकली। जी हाँ डीएनए रिपोर्ट ने आरोपी के पूरे प्लान को फेल कर दिया और मंसूबे पर पानी फेर दिया।

कैसे निकली ये हत्या झूठी

दरअसल बीजेपी नेता ने अपने नौकर मदन की हत्या बीमा के पैसे पाने के लिए की। NDTV में छपी खबर के अनुसार रतलाम के SP गौरव तिवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि 23 जनवरी 2019 की सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस कोडायल 100 पर कॉल के माध्यम से सूचना मिली बिलपांक थाना के कमेड़ गांव में 36 वर्षीय हिम्मत पाटीदार की किसी ने हत्या कर दी है। पुलिस शव की शिनाख्त न कर सके इसलिए हत्यारों ने मृतक का चेहरा भी जला दिया है।

हिम्मत पाटीदार की हत्या की खबर सबसे पहले हिम्मत के पिता लक्ष्मीनारायण ने अपने बेटे सुरेश को दी। इसके बाद सुरेश ने पुलिस को कॉल कर घटना के बारे में बताया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच करने के लिए पांच टीम बनाई। घटनास्थल से एफएसएल की टीम ने मोबाइल, पर्स, आधार कार्ड, एटीएम के अलावा एक पॉकेट डायरी भी बरामद की थी। जिसमें बैंक, उधार और बीमे का ज़िक्र था। घटनास्थल के पास से ही मृतक के जूते, मोटरसाइकिल और खेत में खून से सना एक बेल्ट भी मिला था, जिससे हिम्मत के परिवार ने उसकी पहचान करने का दावा किया।

पुलिस इन्वेस्टीगेशन

पूछताछ में पुलिस को पता लगा था कि गांव का ही मदन मालवीय, जो दो साल पहले हिम्मत के खेत पर काम करता था वो भी 22 जनवरी से गुमशुदा है। पुलिस ने जांच में मदन से जुड़े सुराग भी तलाशने शुरू किये तो घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर सड़क किनारे कुछ कपड़े और एक जोड़ी जूते मिले। जिसमें गीली मिट्टी लगी थी। मदन के पिता ने शिनाख्त में बताया कि ये जूते और कपड़े उसके बेटे के हैं। इसके बाद पुलिस को शक़ हुआ, क्योंकि हिम्मत की मोटरसाइकिल के फुट रेस्ट पर लगी मिट्टी का मैच मदन के जूतों से हो रहा था। पुलिस ने जब हिम्मत के कॉल रिकॉर्ड खंगाले तो पता लगा कि 23 जनवरी की तड़के साढ़े 4 बजे तक उसके मोबाइल का इस्तेमाल हुआ, लेकिन फॉरेंसिक जांच में पता लगा कि फोन से कॉल रिकार्ड, मैसेज, तस्वीरें, वीडियो सब डिलीट कर दिये गये हैं। वहीं,  हिम्मत रात में अपने खेत पर मोटर चालू करने जाता था, लेकिन वारदात वाले दिन मोटर चालू ही नहीं हुई। दूसरी तरफ, डायरी में सिर्फ वही बातें लिखी थीं जिससे परिवार को फायदा होता जैसे बीमा, एटीएम पिन, और एफडी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पुलिस को पता लगा कि पहले मृतक का गला घोंटा गया जिससे वो बेहोश हुआ, बाद में किसी धारदार हथियार से गर्दन पर चार बार हमला कर उसे मारा गया और फिर पहचान मिटाने के लिए चेहरे को घास से जला दिया गया।









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