धर्म का महासंगम, मिलिए कुंभ के मुल्ला जी लाइटवाले से



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फ़ोटो साभार - द क्विंट 

Pragraj Kumbh Mela 2019 : प्रयागराज में कुंभ का मेला शुरू हो गया। आनेवाले तीन महीनों तक छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी मीडिया संस्थानों की नज़र उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम किनारे लगे कुंभ के मेले पर होगी। यहाँ होने वाली हर छोटी - बड़ी हरकतों को अपने कैमरे में कैद करेगी।

इसके अलावा भी मीडिया कुंभ मेले से ऐसी - ऐसी अच्छी खबरों को आप तक लेके आयेगी जिससे आप मीडिया की तारीफ करेंगे। नेटवर्क 18 ने हाल ही में कुंभ के मेले से एक जबरजस्त कहानी को लोगों से रूबरू कराया है।

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फ़ोटो साभार - बीबीसी हिंदी

कहानी है एक मुल्ला जी की जो कुंभ में साधुओं के टेंट में बिजली पहुंचाने का काम करते है। इन्हें लोग मुल्ला जी लाइट वाले के नाम से जानते है। इनका असल नाम मुहम्मद महमूद उर्फ मुल्ला जी है। 

मुहम्मद महमूद उर्फ मुल्ला जी के बारे में

मुल्ला जी की उम्र 76 साल है। वो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के व्यपारी है। पेशे से वो एक इलेक्ट्रीशियन है। साल 1986 में मुल्ला जी जूना अखाड़ा के साधुओं से परिचित हुए थे और संयोग से जूना अखाड़ा भारत में साधुओं के सबसे बड़े और सबसे पुराने अखाड़ों में से एक माना जाता है। न्यूज18इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साधुओं ने महमूद से टेंट के आसपास लाइट की व्यवस्था करने के लिए कहा। इसके बाद तब से अब तक मुल्ला जी ही संगम किनारे साधुओं के टेंट को जगमगाते है।

हम सबको एक ही खुदा ने बनाया है। फिर डर कैसा? परेशानी कैसी? ये लोग मेरा परिवार ही हैं। न इनके बिना मैं चल सकता हूं, न ये मेरे बिना। मैं दुनिया की नहीं, अपने अल्लाह की फिक्र करता हूं। किसी से नफरत करूंगा, तो ऊपर वाले को क्या जवाब दूंगा। यहां सब अच्छे हैं। (source- thequintt)

मुल्ला जी हर 6 साल में 800 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रयागराज (पूर्व नाम इलाहाबाद) कुंभ मेले में लाइट की व्यवस्था करने आ जाते है।

महमूद ने कहा, 'मैं एक इलेक्टिशियन हूँ। जब आप यहां रात में आते हैं आप देखेंगे साधुओं के टेंट सभी रंगों की चमकदार रोशनी से सराबोर होते हैं। यही मेरा काम है।

नागा साधुओं से अच्छी दोस्ती है मुल्ला जी की

मुहम्मद महमूद उर्फ मुल्ला जी की कई नागा साधुओं से अच्छी दोस्ती है। कई नागा साधु उन्हें अच्छे तरीके से जानते है। एक नागा साधु संगम गिरी बताते है कि उन्होंने कभी मुहम्मद महमूद से उनका नाम नहीं पूछा वो मेरे लिए सिर्फ एक अच्छे दोस्त है।

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मुल्ला जी भी साधुओं की तारीफ करते हुए कहते हैं कि उनके साथ हमेशा अच्छा व्यवहार किया गया और पांच बार की नवाज में भी सहयोग किया गया। मुल्ला जी कहते हैं, 'बाबा और साधु मुझे कुंभ के दौरान घर में होने का अहसास कराते हैं।'

मीडिया में छपी खबरों के अनुसार कुंभ के अलावा मुल्ला जी मुजफरनगर में जन्माष्टमी और मेरठ के लोकप्रिय नौचंदी मेले में भी बिजिली की व्यवस्था करते है।

1986 से अब तक हुए सभी कुंभ मेले में मुल्ला जी ने बिजली की व्यवस्था की है। 1986 में उन्होंने हरिद्वार में लगे कुंभ के मेले में बिजली की व्यवस्था की थी। अब उन्हें याद नहीं की उन्होंने अब तक कितने कुंभ मेले में भाग लिया है।








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