मुंबई के उत्तर भारतीय हुए राजनीतिक दलों के लिए रसमलाई

By - डाकिया अभिषेक

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चुनाव के साथ ही राजनीतिक दलो को याद आए उत्तर भारतीय

2019 का लोकसभा चुनाव आने वाला है। ऐसे में सभी राजनैतिक पार्टियाँ जनता को लुभाने और उनके मतदान को अपने पाले में डलवाने के लिए जनता का पैर धो कर भी पीने को तैयार है। एक बार फिर पुराने वादों की सूची तैयार कर उसे नए और क्रिएटिव तरीके से नेता अपने भाषण में जनता के सामने पेश करेंगे।

भारतीय राजनीति में उत्तर प्रदेश और उत्तर भारतीयों का कितना महत्त्व है ये हर राजनेता और राजनिति ज्ञान रखने वाला हर व्यक्ति जानता है।

इसी बात को ध्यान में रख सरकार ने मुंबई में चार उत्तर भारतीयों को पद दिया है। ताकि मुंबई में राजनैतिक दलों से निराश उत्तर भारतीय उन्हें अपना कीमती वोट दें।

मुंबई एक ऐसा शहर जहां हर कोई कहीं न कहीं से अपना गांव - घर छोड़ कमाने आता है। क्योंकि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है। इतना ही नहीं बहुत से लोग यहाँ अपने सपने को भी सवारने आते है। पेट पालने और अपने सपने को सवारने की जादोहद की होड़ में वो दस बाई दस की खोली में रहने को भी तैयार हो जाते है।

पर यहाँ के ही कुछ आसामाजिक तत्त्व उनपर अत्याचार करते है, उन्हें भैया, राई का तेल और अन्य गलियों से नवाजते है। यहाँ तक की अपनी धाक जमाने के लिए उनको मारते भी है। आपने कई दफा न्यूज़ में ऐसी खबरें देखी भी होगी।

पिछले ही साल मुंबई में एक राजनीतिक पार्टी के 50 से भी ज्यादा लड़को ने एक उत्तर भारतीयों को पीटा था सिर्फ इसलिए कि वो अपने नाश्ते का ठेला न लगा सकें। 


लेकिन इन सब के बावजूद आखिर क्यों राजनीतिक पार्टियां मुंबई में चुनाव आने पर उत्तर भारतीयों के प्रति अपना प्यार दिखाने लगती है।

दर असल ४० लाख उत्तर भारतीय किसी भी पार्टी का खेल बिगाड़ और बना सकते हैं, यही नहीं मुंबई में कुछ ३६ सीटो में से २०   सीटो पर उत्तर भारत के ही मतदाता, नेताओ और राजनीति का भविष्य तय करते हैं। तभी हर राजनीतिक पार्टी को चुनाव करीब आते ही उत्तर भारतीय प्रेम दिखाने पर आमदा हो जाती है। 


बीजेपी चुनाव की तारीखो का ऐलान होने के बाद ४ उत्तर भारतीय नेताओ को अलग-अलग  सरकारी पदो पर बैठाकर उत्तर भारतीय मतदाताओ पर डोरे डाल रही है।



  • भारतीय जनता पार्टी, महाराष्ट्र प्रदेश के सचिव श्री संजय पांडे को महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण मे संचालक (Director) पद पर नियुक्त किया गया। तो वही भारतीय जनता पार्टी मुम्बई के उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष सन्तोष पांडे  को महाराष्ट्र प्रदूषण बोर्ड मे संचालक पद पर नियुक्त किया गया।
  • महाराष्ट्र गृह निर्माण विकास महामंडल में महाराष्ट्र बीजेपी के दूसरे सचिव संजय उपध्याय को उपाध्यक्ष पद (राज्य मंत्री दर्जा) पर नियुक्त किया गया। तो बीजेपी मुंबई के उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को सहकारी बैंक को लेकर बने बोर्ड में जगह मिली है।
  • अभी कुछ दिन पहले ही मुंबई  बीजेपी के महामंत्री अमरजीत मिश्रा को फिल्मसिटी बोर्ड का उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री ) बनाया गया था।
  • बीजेपी ही नही कांग्रेस ने भी संजय निरुपम को जहां मुंबई अध्यक्ष बनाया है तो वही दो पूर्व उत्तर भारतीय नेताओ कृपाशंकर सिंह और नसीम खान को मंत्री मंडल में जगह दी थी।

राजनैतिक विश्लेषक - मुकेश तिवारी
उत्तर प्रदेश और बिहार को करीब से समझने वाले राजनीतिक विश्लेषक मुकेश तिवारी बताते हैं कि राष्ट्रीय पार्टियो में उत्तर भारतीय को महाराष्ट्र में जगह देकर कही ना कही मुंबई के उत्तर भारतियो के अलावा यूपी और बिहार में मतदाताओ पर भी असर डालने की कोशिश है।








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