31 मार्च एक क्रांतिकारी दिन है जिसे एक आम दिन मान कर जाने नहीं दिया जा सकता

By - डाकिया तान्या

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31 मार्च को सिर्फ एक आम दिन मान कर तो जाने नही दिया जा सकता, देश दुनिया  में अनेकों घटनाये इसी तारीख में हुई थी  -

1- 31 मार्च 1959 में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को तिब्बत से निर्वासन के बाद भारत में शरण दी गई थी दलाई लामा को बौद्ध धर्म के अनुयायी  एक रूपक की तरह देखते हैं. इन्हें करुणा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.

दूसरी तरफ इनके समर्थक अपने नेता के रूप में भी देखते हैं. दलाई लामा को मुख्य रूप से शिक्षक के तौर पर देखा जाता है. लामा का मतलब गुरु होता है. लामा अपने लोगों को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं.

2- 31 मार्च 1889 में फ्रांस में एफिल टावर को अधिकारिक रूप से खोला गया, एफिल टावर दुनिया के सात अजूबों में शुमार है भला कौन नही परिचित एफ़िल टावर की भव्यता और खूबसूरती से, एफ़िल टावर के बारे में दिलचस्प ये बात है कि इसको डिजाइन करने वाले इंजीनियर गुस्ताव एफिल को अपनी इस कलाकृति से बेहद जलन होने लगी थी क्योंकि ये उनसे ज्यादा विख्यात है।

3- 31 मार्च 1972 में भारतीय सिनेमा की मशहूर अदाकारा मीना कुमारी का निधन हुआ था अपनी खूबसूरती, अभिनय के लिये उन्हे आज भी याद किया जाता है।

4- 31 मार्च 1964 में मुंबई में इलेक्ट्रिक ट्राम आखिरी बार चली थी

5- 31 मार्च 1774 की घटना भारत के लिए सानी कही जा सकती है क्योंकि  इसी दिन भारत में डाक सेवा का पहला कार्यलय खुला डाक सेवा आज भी भारत में भारतीय डाक प्रणाली का जो उन्नत और परिष्कृत स्वरूप आज हमारे सामने है, वह हजारों सालों के लंबे सफर की देन है। अंग्रेजों ने डेढ़ सौ साल पहले अलग-अलग हिस्सों में अपने तरीके से चल रही डाक व्यवस्था को एक सूत्र में पिरोने की जो पहल की, उसने भारतीय डाक को एक नया रूप और रंग दिया।

डाकिया का निबंध आज भी बच्चो का प्रिय निबंध होता है ये एक विश्वसनीय सेवा है जिसमे सालो की मेहनत लगी है।

6- 31 मार्च 1986 मेक्सिको विमान 165 से ज्यादा लोगो की मृत्यु हुई थी, 950 से ज्यादा घायल हुए थे

7- 1983 में आज के ही दिन रॉयल ऑस्ट्रेलिया एयरफोर्स की स्थापना हुई थी

8- 31 मार्च  पिछले ही साल जापान ने व्हेल के शिकार पर प्रतिबंध लगाया था, जापान ने आखिरकार खुद को इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन(आईडब्ल्यूसी) से अलग कर लिया है। इसके मायने यह है कि अब जापान में वाणिज्यिक उद्देश्‍यों के लिए व्‍हेल के शिकार करने पर प्रतिबंध नहीं होगा। जापान ने व्हेल के शिकार को फिर से शुरू करने की बात कही है। जापान में इसी साल विवादित सालाना व्हेल शिकार अभियान के दौरान मिंक प्रजाति की 122 गर्भवती व्हेलों को मार डाला था।

फिलहाल बहुत सी अच्छी बुरी अनेकों घटनाओ को लिये हुए 31 मार्च खुद में क्रांतिकारी है।।




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