देश सुरक्षित है तो केवल चैनलों के हाथों में


देश सुरक्षित है तो केवल चैनलों के हाथों में..

शुक्रवार की रात ग्यारह बजे अपन को वह हासिल हो गया जो कुरुक्षेत्र के मैदान में पाण्डु पुत्र अर्जुन को चार हज़ार साल पहले हासिल हुआ था.. अर्जुन ने श्रीकृष्ण के मैक्रो स्वरूप के दर्शन किये थे तो रजत शर्मा ने इस भुनगे को माइक्रो स्वरूप के दर्शन कराये....

हुआ यह कि टीवी खोलते ही सारे कस्मे वादे भुला कर न्यूज़ चैनल पर आ गया..आजतक पर नयनाभिराम बाला श्वेता सिंह फौजी अंदाज़ में बालाकोट का नक्शा खींच सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता का चुनावी प्रचार बड़े मधुर अंदाज़ में कर रही थीं..काश स्टूडियो में घोड़ा या मिराज 2000 होता और वो कंगना राउत के अंदाज़ में किसी पे भी बैठ दुश्मन से लोहा ले रही होतीं..

बहरहाल मैं लेट हो चुका था और श्वेता सिंह बालाकोट में घुस जैश के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर ठीक 11 मिनट में भारतीय सीमा में प्रवेश कर अंतिम ललकार दे रही थीं--जो हमसे टकराएगा वगैरह..

तभी रिमोट का बटन फिर दबा और अब मैं इण्डिया टीवी के मुहाने पे था कि मेरे अगल बगल दो मिसाइल गिरे इस चेतावनी भरी आवाज़ के साथ..मूर्ख तू बहुत उछल रहा था कि बालाकोट में सिर्फ दो भैंसे मरे..यहाँ आ मैं तुझे अपने साथ ले चलता हूँ और दिखाता हूँ कि हमारी सर्जिकल स्ट्राइक किस उच्च स्तर की थी..

फिर उन्होंने स्टूडियो में ही बालाकोट पर सर्जिकल स्ट्राइक का मंचीय प्रदर्शन किया..उनके इरादे बता रहे थे कि वो देश भर में घूम घूम कर अपने पारसी थियेटर के माध्यम से सर्जिकल स्ट्राइक "गुलबकावली" 
का लोक मंचन करेंगे..क्योंकि राज्यसभा के द्वार खुले रखने हैं..

इस घोषणा के बाद रजत शर्मा की आत्मा में सोहराब मोदी प्रवेश कर गए और फिर अगले आधा घंटे तक उन्होंने पाकिस्तान की तबाही को नंगी आँखों से दिखाया..इस काम में उनके साथ दो चंगू मंगू भी थे..बीच बीच में शर्मा जी की जनानी आवाज़ पूरे मामले को अतिरिक्त विश्वसनीयता प्रदान कर रही थी..और फिर उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री का 1992 की जनवरी का वो भाषण दिखाया जिसमें वो काली दाढ़ी में पाकिस्तान की आँखें निकाल रहे हैं.. और फिर शर्मा जी ने आँखें निकालने का दृश्य सफ़ेद दाढ़ी में भी दिखाया..शर्मा जी अगले एपिसोड में आँखें निकालने का काम 1965 की जनवरी में ले जायेंगे..

कुल मिला कर मेरी उन सभी सुधिजनों से हाथ जोड़ कर प्रार्थना है कि वो राहुल गांधी की तरह बालाकोट की तबाही पर कोई संदेह न करें..क्योंकि मैंने खुद देखा कि बालाकोट के नक़्शे से वो चाय का ढाबा तक गायब हो गया जहाँ जैश के 659 जवान ट्रेनिंग के बाद चाय पीते थे..स्टूडियो में इमरान को भी दिखाया गया..बहुत बुरे हाल में थे और गुजारिश कर रहे थे कि इस वर्ल्डकप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम को वॉकओवर मिल जाए तो एकाध साल सत्ता में काट जायेंगे..




Comments