कोर्ट में शांत रहना वरना दूसरे केस में फंसा दूँगा और फिर रिमांड में बहुत मारूँगा




कोर्ट में शांत रहना वरना दूसरे केस में फंसा दूँगा और फिर रिमांड में बहुत मारूँगा

हाल ही में उल्हासनगर के विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन में कार्यरत एक हवलदार की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है, हवलदार ने बिना किसी कारण के ही उल्हासनगर- 4 स्थित श्रीराम चौक के 90 टी डेज बार के नीचे एक व्यापारी की जमकर धुनाई की और जब उससे भी मन नही भरा तो पुलिस स्टेशन ला कर उसपर झूठा मामला दर्ज दिया। इसके बाद जो हुआ वो हवालदार को किसी गुंडे से कम नहीं बनाता है।

दरअसल झूठा मामला दर्ज करने के बाद हवालदार राहुल काले ने व्यापारी को बेंच पर लिटाकर डंडे व पट्टे से जमकर पीटा। इसके बाद रिश्वत के तौर पर उससे और उसके परिवार से 25 हजार रुपये की सोने की अंगूठी और 50 हजार रुपये लिए।

इस मामले में बीते 28 मार्च को नया मोड़ आया। पुलिस विभाग ने काले पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है। सूत्रों से पता चला है कि पुलिस विभाग द्वारा हितेश असरानी पर दवाब बना कर पुलिस मामले को रफा दफा करने के जुगाड़ में है। वहीं शहर के मध्यवर्ती अस्पताल में एक बार फिर मेडिकल चेकअप के लिए हितेश को एडमिट किया गया है। आने वाले समय में जब भी मेडिकल रिपोर्ट आयेगी तो जाहिर है हवालदार काले पर इसका असर पड़ेगा।

घायल व्यापारी की तस्वीर देख आप अंदाजा लगा सकते है कि किस बेहरहमी से उसे पीटा गया है।

 उल्हासनगर के व्यापारी हितेश असरानी जिनकी उल्हासनगर - 2  में नेहरू चौक पर नास्ते की रमेश कोल्ड्रींक्स नामक मशहूर होटल है। हितेश 21 मार्च को श्रीराम चौक स्थित 90 टी डेज होटल में गए थे वहां पर उन्होंने एक बियर पिया और वो रात 1.45 बजेे के करीब बाहर निकले। लेकिन तभी दो लोग आए जो बिना किसी कारण के ही हितेश को मारने लगे बचाव में हितेश ने भी उन लोगो को मारा इतने में श्री राम चौक पर खड़े पुलिस कर्मी वहाँ पर आए और बोले पुलिस वाले को मारता है और वे सभी लोग हितेश को डंडे से पीटने लगे। हितेश कुछ समझ पाता तब तक पुलिस वाले उसे विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन ले आये।

उसी दरम्यान हितेश की गाड़ी के ड्राइवर ने इस मामले की सूचना असरानी के माता पिता को दे दी। वो लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे उन्होंने देखा कि कुछ पुलिस वाले उनके बेटे को पीट रहे है।


उन्होंने बिनती की तो हवालदार राहुल काले ने उनसे 2 लाख रुपये की मांग की अन्यथा हितेश पर झूठा मामला दर्ज करने की बात कही। तब उन्होंने 50 हजार रुपये काले को दिया परन्तु पुलिस ने पैसे लेने के बाद भी हितेश को नहीं छोड़ा।

उसी मारपीट के दौरान काले ने हितेश के जेब में रखे 25 हजार रुपये भी ले लिए और हाथ के अंगूठे से रिंग भी ले ली।

उसके बाद हितेश द्वारा पहने गए सारे सोने को निकलवाया गया और  उसकी वीडियो शूटिंग कर और वह सोना हितेश के माता पिता को दे दिया गया और उनको चलता किया।

अब पुलिस की असल कहानी शुरू हुई

इसके बाद शुरू हुई पुलिस की असली कहानी, पुलिस ने हितेश पर चाकू रखने का झूठा केस बनाया गया और उसे बेंच पर लिटाकर कमर के नीचे के हिस्सों पर जमकर पिटाई की। इसके बाद हितेश को शहर के सेंट्रल अस्पताल ले गए और मेडिकल कराया।

अस्पताल से लौटते वक्त  काले ने हितेश को धमकी दी कि कोर्ट में शांत रहना नहीं तो दूसरे केस में फंसा दूँगा और फिर रिमांड लेकर और पिटाई करेंगे। इससे डरे हितेश असरानी ने कोर्ट के समक्ष चुप्पी रखी।

पर जब हितेश को जमानत मिली तो उन्होंने ऐसे भ्रष्ट्र पुलिस हवलदार को जेल के पीछे भेजने के लिए अपने ऊपर हुए अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई और अपनी आप बीती मीडिया कर्मियों के समक्ष रखी है और इंसाफ की मांग की।

उन्होंने इस विषय को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, व डीजीपी,सीपी ठाणे, पुलिस उपायुक्त परिमंडल 4 को लिखित पत्र देकर पूरे मामले की जांच कर कार्यवाई की मांग करने की बात कही है। इसके अलावा इंसाफ नहीं  मिलने पर कोर्ट का सहारा लेने की भी बात कही।

वहीं इस मामले में विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर रमेश भामे से बात किया गया तो उन्होंने कहा "अभी तक हमारे पास ऐसी कोई शिकायत आई नहीं है अगर  शिकायत आती है तो हम पूरे मामले की जाँच करेंगे। अगर आरोप सही पाया गया तो निश्चित ही दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कठोर कार्यवाई की जायेगी। कानून सब को एक नजर से देखता है इस तरह की हरकत बर्दास्त नही किया जा सकता है।"

रात 1.45 तक  बजे बार कैसे खुला था

बता दें कि इस पूरे मामले में जिस बार की बात हो रही है वो पुलिस स्टेशन से चंद मिनटों की दूरी पर है। इसके बावजूद रात के डेढ़ बजे तक बिना किसी डर के कोई बार कैसे खुला हो सकता है ? देर रात तक किसी बार का खुला होना ये दर्शता है कि या तो बार वालों को कानून का डर नहीं या तो बार वालों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है।

अब ताजा जानकारी से ये पता चला है कि आने वाले कुछ दिनों में शहर के डीसीपी आरोपी हवालदार राहुल काले और उसके साथियों पर मामला दर्ज कर पूरे मामले की छानबीन के आदेश देंगे।




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