बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे गिरिराज सिंह का रिपोर्ट कार्ड। तय करिए, वोट करना है या नहीं

By - डाकिया आशुतोष

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नवादा से सांसद रहे गिरिराज सिंह अमूमन अपनी बयानबाज़ी को ले कर चर्चा में रहते हैं। अपने संसदीय  कार्यकाल में वह' लोगों को  देशद्रोही' क़रार देने और 'पाकिस्तान भेजने' की बात करते रहे। लेकिन एक सांसद का काम क्या है ? वह आपके सवाल संसद  में उठाता है या नहीं ? वह संसद की डिबेट में हिस्सा लेता है या नहीं ? वह सांसद निधि का पैसा ख़र्च भी करता है या नहीं ? उसका रिकार्ड कितना साफ़ सुथरा है ? यही न। 

इस मामले में गिरिराज का रिपोर्ट कार्ड आप ख़ुद देख सकते हैं ।

1- गिरिराज सिंह ने संसद  में  होने वाली एक भी डिबेट  में हिस्सा नहीं लिया है। जबकि हमारे सांसदों  का संसद की  डिबेट में हिस्सा लेने का नेशनल एवरेज (5.2)  पहले से ही  बेहद कम है । मतलब बंदा बोलता तो है ,पर बेमतलब में सिर्फ़ जनता को भड़काने के लिए बोलता है और संसद में चुपचाप बैठा रहता है।

2- गिरिराज का संसद में सवाल पूछने का रिकार्ड भी बेहद ख़राब है। जहाँ हर सांसद ने औसतन प्रश्न काल में 18 सवाल किए हैं , वहीं गिरिराज सिंह ने सिर्फ़ 5 सवाल किए हैं।

3- अपने पाँच साल के कार्यकाल में गिरिराज सिंह ने शिक्षा ,सामाजिक न्याय और रोज़गार पर एक सवाल भी नहीं पूछा है। अब यह आदमी बेगूसराय में क्या 'इन सवालों' पर चुनाव लड़ने  की हैसियत  रखता है ? 

4- सांसद महोदय सांसद निधि से 25 करोड़ रुपए निकाल कर जनता की सेवा में ख़र्च कर चुके  हैं। इसके बावजूद इनके लोकसभा क्षेत्र का शिक्षा और विद्यतीकरण का आँकड़ा अपने राज्य की लोकसभाओं के  औसत आँकड़ों से भी कम है। दूसरे राज्यों से तुलना करें तो काम का लेवल और घटिया है।

5 - चुनावी हलफ़नामे में उन्होंने बताया है कि उनके ऊपर विभिन्न धाराओं में करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। इनमे आचार संहिता उल्लंघन, जन प्रतिनिधि कानून के अलावा भू-स्वामित्व का विवाद  शामिल हैं । इस भू-स्वामित्व विवाद में उनके ऊपर 419, 420, 467, 468, 469, 471, 474, 120 (B) लगी हैं। यह सभी धाराएं धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से संबंधित हैं । 
6- दंगे  फैलाने के लिए जिस लेवल के इन्होंने बयान दिए हैं ,उनका ज़िक्र  करना यहाँ ज़रूरी नहीं है । मोदी के एक्स्ट्रीम लेवल के भक्त है और शुरुआती सपोर्टरों में से एक हैं। एक बार तो बोल गए कि जो PM मोदी की संकल्प रैली में जो नहीं आएगा वो 'देशद्रोही' है और  फिर बाद में वह वहाँ खुद नहीं पहुँचे।

यह आदमी इस बार नवादा से नहीं बेगूसराय से चुनाव लड़ रहा है। सामने हैं तनवीर हसन और पीचडी स्कालर कन्हैया कुमार। बेगूसराय के लोगों ,आप तय करिए आप किसे वोट करेंगे ?

(आँकड़े एडीआर , एमपी लेड , माई 543 वेबसाइट से लिए गए हैं। आप वहाँ इनकी सत्यता चेक कर सकते हैं)








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