पिता पेट्रोल पंप पर काम करते थे और बेटे ने IAS बनने के सपने को पूरा कर दिया


यूपीएससी: भोपाल की सृष्टि को मिली पांचवीं रैंक, इंदौर के प्रदीप 93वें स्थान पर

भोपाल, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल परीक्षा-2018 के अंतिम नतीजे शुक्रवार को देर शाम घोषित किये। इसमें मध्य प्रदेश के भी कई परीक्षार्थियों ने इस पर अपनी काबिलियत साबित की है। इसी में से एक हैं, भोपाल की सृष्टि देशमुख, इन्होंने ऑल इंडिया रैंक में पांचवा स्थान और महिला अभ्यर्थियों में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, इंदौर के प्रदीप सिंह ने ऑल इंडिया 93वीं रैंक प्राप्त की। प्रदीप सिंह की कामयाबी इसलिए भी खास है, क्योंकि उनके पिता पेट्रोप पम्प पर एक साधारण कर्मचारी और मां गृहणी हैं।

सही किताबों का चयन और मानसिक तैयारी जरूरी

भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बीई (केमिकल इंजिनियरिंग) करने के बाद सृष्टि देशमुख ने आईएएस परीक्षा की तैयारी भी भोपाल से ही की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को अपना लक्ष्य बना लिया था। उनके पिता जयंत देशमुख इंजीनियर हैं, जबकि मां स्कूल टीचर। सृष्टि ने मीडिया को बताया कि मैं आईएएस बनना चाहती थी। इसके लिए मैंने पूरे एक साल सोशल मीडिया से लेकर अपने दोस्त और परिचितों से भी दूरी बनाए रखी। ये मेरी पहली कोशिश थी। मैं महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहूंगी। उन्होंने कहा कि हमें परीक्षा की तैयारी के समय सही किताबों का चयन करना चाहिए। पढ़ाई करने के लिए मानसिक तैयारी की भी बहुत आवश्यकता है।

पिता ने बढ़ाया बेटे का हौसला

वहीं, इंदौर के स्कीम नंबर 78 में रहने वाले प्रदीप सिंह यूपीएससी परीक्षा में पहले प्रयास में ही ऑल इंडिया रैंक 93वां स्थान हासिल करने में कामयाब रहे। पेट्रोल पंप पर काम करने वाले प्रदीप के पिता ने सीमित आय होने के बावजूद बेटे का हौसला बढ़ाया और प्रदीप ने पिता का सपना पूरा कर दिखाया।

दिनचर्या ने दिलाई सफलता

मूलत: बिहार के रहने वाले प्रदीप ने मीडिया से बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के आईआईपीएस से बीकॉम से किया था। सुबह 6 बजे उठते, दोपहर में आधा-एक घंटे नींद लेने के बाद रात एक बजे तक पढ़ाई करते थे। घर की स्थिति खराब होने से दो साल पहले तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और पहले प्रयास में सफलता प्राप्त कर ली। उन्होंने कहा कि वे मप्र या बिहार में पोस्टिंग मिलती है तो वरीयता देंगे।









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