मुबारक हो! मोदी सरकार में मॉब लिंचिंग ने रिकॉर्ड बनाया




मुबारक हो। 4 साल में मॉब लिंचिंग के 134 मामले सामने आए हैं। शिकार हुए लोगों में 50 फ़ीसदी से ज़्यादा मुसलम
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ग्रह मंत्री से पूछो तो वह 84 पर पहुँच जाते हैं। क्या हमें एक नागरिक के तौर पर शर्म नहीं करना चाहिए। सत्ता शर्म करने की बजाय जश्न मना रही है। इसलिए भी हमें ऐसी बुज़दिल सत्ता को सत्ता में  नहीं लाना चाहिए। वजहें और भी हैं । अगर आप देखना  चाहें ,तो लिंक पर क्लिक  कर सकते है।

20 मई 2015, राजस्थान
मीट शॉप चलाने वाले 60 साल के एक बुज़ुर्ग को भीड़ ने लोहे की रॉड और डंडों से मार डाला।

2 अगस्त 2015, उत्तर प्रदेश
कुछ गो रक्षकों ने भैंसों को ले जा रहे 3 लोगों को पीट पीटकर मार डाला।

28 सितंबर 2015 दादरी, यूपी
52 साल के मोहम्मद अख्लाक को बीफ खाने के शक़ में भीड़ ने ईंट और डंडों से मार डाला।

14 अक्टूबर 2015, हिमाचल प्रदेश
22 साल के युवक की गो रक्षकों ने गाय ले जाने के शक में पीट पीटकर हत्या कर दी।

18 मार्च 2016, लातेहर, झारखंड
मवेशियों को बेचने बाज़ार ले जा रहे मज़लूम अंसारी और इम्तियाज़ खान को भीड़ ने पेड़ से लटकाकर मार डाला।

5 अप्रैल 2017, अलवर, राजस्थान
200 लोगों की गोरक्षक फौज ने दूध का व्यापार करने वाले पहलू खान को मार डाला।

20 अप्रैल 2017, असम
गाय चुराने के इल्ज़ाम में गो रक्षकों ने दो युवकों को पीट पीटकर मार डाला।

1 मई 2017, असम
गाय चुराने के इल्ज़ाम में फिर से गो रक्षकों ने दो युवकों को पीट पीटकर मार डाला।

12 से 18 मई 2017, झारखंड
4 अलग अलग मामलों में कुल 9 लोगों को मॉब लिंचिंग में मार डाला गया।

29 जून 2017, झारखंड
बीफ ले जाने के शक़ में भीड़ ने अलीमुद्दीन उर्फ असग़र अंसारी को पीट पीटकर मार डाला।

10 नवंबर 2017, अलवर, राजस्थान
गो रक्षकों ने उमर खान को गोली मार दी जिसमें उसकी मौत हो गई।

20 जुलाई 2018, अलवर, राजस्थान
गाय की तस्करी करने के शक में भीड़ ने रकबर खान को पीट पीटकर मार डाला।

तो इन आंकड़ों को देखने के बाद भी क्या एक लोकतांत्रिक ढांचे में ऐसे लोगों पर नकेल नहीं कसनी चाहिए जिन्हें कानून व्यवस्था और अदालतों पर यकीन ही नहीं.. जो खुद ही अदालत और खुद ही कानून बनकर सरेराह लोगों की ज़िंदगी और मौत का फैसला कर देते हैं।


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