पुलिस की हफ्ता वसूली से परेशान पानवाला पूरे परिवार के साथ बैठा कमिशनर दफ्तर के सामने

By - हिंदी डाकिया

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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर शहर की हिललाइन पुलिस की हफ्ता उगाही से परेशान यहां का एक पान विक्रेता परिवार सहित ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया है। पान विक्रेता की मांग है कि सहायक निरीक्षक नीलेश देसले और दो नकली एफडीए अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

सहायक निरीक्षक नीलेश देसले (Police)

यह खबर जन स्वाभिमान नामक अखबार में छपने के बाद मीडिया में आई।

बता दें कि जन स्वाभिमान ने 7 जून 2019 के अंक में इस बाबत सबसे पहले खबर प्रकाशित की थी। खबर का शीर्षक था - पानवाले ने दो लाख नहीं दिए तो हिललाइन पुलिस ने पहले नकली फिर असली एफडीए अधिकारी से करवाई कार्रवाई। 

पानवाले का परिवार 

शिकायत के अनुसार 2 मई की सुबह 11.30 बजे 5 लोग धनंजय वर्मा की पान की दुकान पर गए। साईंकृपा पान शॉप नाम से धनंजय की नेवाली नाका, उल्हासनगर में दुकान है। उस वक्त धनंजय का भाई इंद्रेश दुकान पर बैठा था। उन्होंने महक गुटखा खरीदा। गुटखा लेते ही उन्होंने अपनी पहचान हिललाइन थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक नीलेश देसले, जाधव, पुलिस जीप चालक तथा संतोष चव्हाण और संजय तिवारी ने एफडीए अधिकारी के रूप में दी। इंद्रेश पर केस न बनाने के एवज में वे 2 लाख रुपये मांगे। देसले ने इंद्रेश की पत्नी को धमकाया भी कि अगर वह 2 लाख रुपये नहीं देगी तो उसके पति पर झूठा केस बनाकर अंदर कर देंगे। वे पान की दुकान का सारा सामान - पान, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू आदि - (कीमत लगभग 7 हजार) लेकर चले गए।
  • रात 9. 30 बजे इंद्रेश को लेकर वे नेवाली पुलिस चौकी आये। नीलेश ने एक सादे कागज पर हस्ताक्षर लेकर रात 11 बजे उसे छोड़ दिया।
धनंजय ने इस घटना की शिकायत ट्विटर पर तथा लिखित में पुलिस आयुक्त विवेक फणसालकर से कर दी। पुलिस मुख्यालय में शिकायत की बात पता चलते ही देसले ने असली एफडीए अधिकारी को बुला लिया और इंद्रेश और धनंजय के खिलाफ 4 मई को एफआईआर दर्ज कर इंद्रेश को गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस की इस प्रताड़ना से परेशान धनंजय अपने परिवार के साथ पुलिस मुख्यालय के सामने धरने पर बैठ गया है। उस की मांग है कि नीलेश देसले, पुलिसकर्मियों और नकली एफडीए अधिकारियों - संतोष चव्हाण और संजय तिवारी के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज हो।





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