यूपी पुलिस को नहीं पता की प्रशांत कनोजिया कहाँ है




8 जून 2019 के दोपहर को पत्रकार प्रशांत कनोजिया को यूपी पुलिस की एक टीम द्वारा अरेस्ट कर लिया जाता है। पत्नी जगीशा के अनुसार,

"8 जून की दोपहर प्रशांत घर से बाहर गए थे। कुछ समय बाद वापस आए तो बोले कि यूपी पुलिस से कुछ लोग आए हैं। वे उन्हें योगी आदित्यनाथ से संबंधित ट्वीट के लिए लखनऊ लेकर जा रहे हैं। प्रशांत ने कहा कि इस बात की खबर वे परिचितों को दे दें। इसके बाद वे चले गए। उनसे फोन से संपर्क नहीं हो रहा है।”

इसके बाद ये ख़बर मीडिया में जैसे कि कहा जाता है आग कि तरह फैल गयी। लेकिन कुछ मीडिया संस्थानों की माने तो यूपी पुलिस को ही नहीं पता की प्रशांत कनोजिया कहाँ है?

आइये जानते है लल्लनटॉप क्या लिखता है

प्रशांत कनोजिया के मामले को लेकर जब हजरतगंज थाने के एसएचओ राधा रमण से बात की गई तो उन्होंने गिरफ्तारी को लेकर किसी भी जानकारी से इंकार किया। उन्होंने कहा,
“हमें गिरफ्तारी की बात मीडिया के ही माध्यम से पता चली है। इसके बारे में अभी कोई जानकारी हमारे पास नहीं है।”


द वायर की रिपोर्ट

द वायर में छपी आर्टिकल को पढ़ कर समझ आ रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशान्त के  गिरफ़्तारी से इनकार कर रही है।

इस पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी से इनकार कर रही है। हजरतगंज थाने के प्रभारी राधारमण सिंह ने प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी के बारे में अनभिज्ञता जताई और कहा कि वह लखनऊ में हैं और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

लखनऊ एसएसपी कलानिधि नैथानी के दफ्तर में फोन करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस के मीडिया और प्रेस प्रभारी को कॉल करने को कहा गया।

मीडिया और प्रेस प्रभारी आशीष द्विवेदी ने द वायर को बताया, ‘हम भी प्रशांत कनौजिया को ढूंढ रहे हैं।’
उनसे यह पूछे जाने पर कि प्रशांत के परिवार के अनुसार उन्हें शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने कहा, ‘नोएडा में कोई क्या कह रहा है हमें क्या मालूम।'

जब उनसे यह सवाल किया गया कि किस आरोप में प्रशांत को ढूंढा जा रहा है, तब उन्होंने कहा कि यह बात विवेचक से पूछिए। प्रशांत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।’
मुकदमा किस बारे में दर्ज हुआ यह पूछने पर उन्होंने फोन काट दिया।

वहीं, एफआईआर में बताए गए जांच अधिकारी व्रिजेंद्र कुमार मिश्रा को संपर्क करने पर उन्होंने भी यूपी पुलिस द्वारा प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी से इनकार किया।

उन्होंने कहा, ‘प्रशांत के खिलाफ हजरतगंज थाने में मामला दर्ज हुआ है और इस बारे में जांच जारी है।’

यह पूछे जाने पर कि प्रशांत के परिजन उनके यूपी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कर रहे हैं, उन्होंने इससे इनकार किया। यह पूछे जाने पर कि इस मामले में पुलिस क्या कर रही है, उन्होंने फोन काट दिया।


जनसत्ता को यूपी पुलिस ने ये जानकारी दी

लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पंकज कनौजिया ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। साथ ही, अफवाह फैलाई थी। इसके बाद सबूत के आधार पर कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वहीं, वीडियो वाली महिला के बयान को लेकर जांच अधिकारी विजेंद्र ने बताया कि आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए पंकज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ऐसे में उस महिला के बयान लेने की कोई जरूरत नहीं है, जिसका वीडियो आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया। हालांकि, पुलिस की एक टीम का दावा है कि वह शनिवार सुबह वीडियो वाली महिला के घर गई थी और उसका बयान दर्ज किया।

पुलिस मीडिया न्यूज़ को दी ये जानकारी

मुख्यमंत्री कार्यालय से शुक्रवार देर रात एसएसपी कलानिधि नैथानी को मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जिस टि्वटर हैंडल से यह ट्वीट किया गया था, वह प्रशांत कनौजिया का था। इस पर हजरतगंज कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक विकास कुमार की तहरीर पर प्रशांत कनौजिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच अधिकारी इंस्पेक्टर बृजेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दिल्ली गई टीम ने प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ पुलिस का कहना है कि दिल्ली के मंडावली में रहने वाले मूलत: प्रतापगढ़ निवासी प्रशांत ने खुद को एक न्यूज पोर्टल का पत्रकार बताया।

पुलिस न्यूज़ मीडिया की रिपोर्ट
पुलिस के हाँ और न वाले बयान से लगता है पुलिस ने किसी अजेंडे के तहत प्रशांत कनोजिया को अरेस्ट किया है। अगर ऐसा नहीं है तो यूपी पुलिस के प्रवक्ता को खुद मीडिया के सामने आ कर प्रशांत कनोजिया की गिरफ्तारी पर ऑफिसियल बयान देना चाहिए।










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