बारिश में झंडा खराब न हो जाये इसलिए यहाँ नहीं फहराया गया तिरंगा

By - हिंदी डाकिया


मौका था देश के 73वें स्वतंत्रा दिवस (Independence Day) का। लोग शहर के मशहूर मैदान में तिरंगे को सलामी देने के लिए मौजूद थे। पर किसी कारणवंश सभी को सलामी दिए बगैर ही अपने घर वापस आना पड़ा।

हम बात कर रहे है, छोटा दुबई कहे जाने वाले उल्हासनगर (Ulhasnagar) शहर की। यह शहर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित है। आज से करीब 7 महीने पहले आनन - फानन में उल्हासनगर शहर के नाम चिन्ह गोल मैदान में तिरंगे के लिए 100 फुट के स्तंभ को महापौर पंचम कालानी, विधायक ज्योति कलानी और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में बनाया गया था। लेकिन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह स्तंभ बिन तिरंगे के अधूरा था यानी की यहाँ तिरंगा नहीं फहराया गया था। जिसके बाद से यह घटना शहर के नागरिकों और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • बात दें कि 26 जनवरी 2019 को करीब 20 लाख रुपये की लागत से इस स्तंभ को बनवाया गया था।
एक स्थानीय न्यूज़ वेबसाइट को शिवसेना (Shiv Sena) शहर प्रमुख और नगरसेवक ने बताया कि, सरकार ने हाल में कश्मीर से धारा 370 और 35 (ए) निरस्त किया है। ऐसे में इस बार का स्वतंत्रता दिवस देश के लोगों के लिए और भी महत्वपूर्ण बन जाता है। महानगर पालिका द्वारा क्यों नहीं तिरंगे को फहराया गया मैं इस विषय को आगामी महासभा बैठक में उठाऊंगा और प्रशासन से सवाल करूँगा।

महानगर पालिका के सुरक्षा अधिकारी बालू नेटके ने बताया कि, उल्हासनगर मनपा मुख्यालय में मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख और महापौर पंचम कालानी की मौजूदगी में झंडा फहराया गया लेकिन आचारसंहिता के अनुसार १०० फुट का झंडा बरसात में खराब न हो, इसलिए उसे निकाल लिया गया,अन्य नगरपालिकाओं के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया गया।

ज़रूरत पड़ने पर पार्टी आंदोलन करेंगे - आरपीआय शहर अध्यक्ष

स्थानीय न्यूज़ वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार उल्हासनगर के आरपीआय अध्यक्ष और नगरसेवक भगवान भालेराव ने इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, महापौर पंचम कालानी ने एक बड़े समारोह में इस भव्य तिरंगे का उद्घाटन किया था लेकिन आज झंडा गायब है। यह हमारे लिए बहुत शर्म की बात है। हम इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और अगर इसके लिए जरूरत पड़ी तो पार्टी द्वारा आंदोलन भी किया जाएगा।








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