Valentine Day: Promise Day पर क्या आपने भी इस तरह प्रॉमिस किया था!

By - हिंदी डाकिया



वादा करो की चेहरे और जिस्म पर एसिड नहीं फेंकोगे। जिस चेहरे से प्रेम हुआ उसी को कुरूप करने का जश्न नहीं मनाओगे।

वादा करो की बलात्कार नहीं करोगे। बलात्कार को अपनी जीत नहीं मानोगे। बलात्कार तुम्हे मर्द साबित करता है - इस भ्रम को त्याग दोगे।

वादा करो कि असफल प्रेम के बाद फिरौती में सेक्स नहीं मांगोगे। प्रेम को धंधा नहीं बनाओगे। वो वाहियात प्रेम न करोगे की तुम्हारे प्रेम में पड़ने के बाद कोई स्त्री प्रेम नाम से थूकने लगे।

वादा करो कि सब टूट जाने के वावजूद चरित्र हनन नहीं करोगे। निज तस्वीरें और संवाद आम करके खुद को नामर्द घोषित न करोगे।

वादा करो की जो रास्ते अलग हो गए तो इतने कमजोर न पड़ोगे की जीवन का अंत कर लो। जो जीवन था इसलिए मिले थे और जो जीवन रहा तो कुछ ज्यादा बेहतर मिलने का इंतज़ार कर रहा होगा।

वादा करो की जो नंबर तुम्हें पूरे भरोसे से दिया था उसे ट्रेन, प्लेटफार्म, सार्वजनिक सौचालय के दीवारों पर न लिखोगे। कि जिसका नंबर तुमने लिखा वो तो अंजान है... तुम्हारे चाहने से भी वैश्या साबित न हुई लेकिन नंबर लिखकर तुम्हारे अंदर का भड़वा सामने जरूर आ गया।

वादा करो कि जब तुम्हें इश्क़ से कुछ भी हाँसिल न होगा तब उन तस्वीरों को पोर्न साइट पर न चिपका दोगे। की ऊपर उठना बड़ा मुश्किल होता है और गिरने के लिए पाताल तक आसानी से लोग गिरे चले जाते हैं।

वादा करो की प्रेम को अभिलाषाओं की दूकान न समझोगे। प्रेम उपहारों और बटुए की गहराई तक सीमित न रहेगी। कल को बटुआ रहे न रहे, प्रेम जरूर रहेगा।

वादा करो की रूप न बदल लोगे। जिस रूह से प्रेम हुआ... सदियों बाद भी वही रूह दिखता रहेगा। की इंसान जो होता है अक्सर वही दिखना नहीं चाहता। प्याज सी फितरत है हमारी, हर परत के अंदर एक और परत तैयार रहता है।

वादा करो की तुम समझोगे की किसी और को खुद के लिए जबर्दस्ती बदलना प्रेम नहीं होता।

वादा करो की जब चूक जाए प्रेम... जब नियति साथ रहने की न बन पड़े... जब मिल बैठ कर भी सब सुलझाना संभव न हो पाए... जब राहें अलग हो जाएँ... तब भूत को थोप कर बाँध रखने की जिद नहीं....

#Happy_Promise_Day





- यह पोस्ट पंकज कुमार के फेसबुक वॉल से ली गयी है।





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